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दिल्ली AIIMS में आश्रय सुविधा की शुरुआत, अब रात में नहीं भटकेंगे मरीज, मुफ्त खाना भी मिलेगा

दिल्ली एम्स ने सीआरपीएफ के सहयोग से मरीजों और परिजनों के लिए आश्रय सुविधा शुरू की है। यहां मुफ्त भोजन, कंबल और स्वच्छ शौचालय उपलब्ध होंगे, जिससे रात में भटकने की समस्या खत्म होगी।

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वायरल वीडियो के बाद एक्शन
© social media
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

DELHI: दिल्ली AIIMS में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को अब रात में इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन ने CRPF के सहयोग से आश्रय सुविधा की शुरुआत की है, जहां मरीजों और उनके परिजनों को मुफ्त भोजन, साफ कंबल और स्वच्छ शौचालय की सुविधा दी जा रही है।


दिल्ली AIIMS द्वारा शुरू की गई इस आश्रय सुविधा का उद्देश्य उन मरीजों और तीमारदारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आरामदायक ठहराव उपलब्ध कराना है, जो ओपीडी सेवाओं के लिए अस्पताल परिसर के बाहर रात गुजारने को मजबूर होते थे। जिसका वीडियो आजकल सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। एम्स हॉस्पिटल के बाहर कपकपाती ठंड में लगी भीड़ का वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. एम.श्रीनिवास का बयान सामने आया है। 


दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. एम. श्रीनिवास ने बताया कि यह पहल भीड़भाड़ और रातभर लगने वाली लंबी कतारों की समस्या को कम करने के लिए की गई है। आश्रय केंद्र यह सुनिश्चित करता है कि मरीजों को अब फुटपाथों या खुले स्थानों पर कठिन परिस्थितियों में इंतजार न करना पड़े।


उन्होंने बताया कि रात में आने वाले मरीजों की पहले ही पहचान कर ली जाती है और उन्हें इलेक्ट्रिक शटल बसों के जरिए आश्रय केंद्र तक पहुंचाया जाता है। मरीजों को रिपोर्टिंग क्रम के अनुसार टोकन नंबर दिया जाता है, ताकि अगले दिन ओपीडी पंजीकरण उसी क्रम में हो सके। अगली सुबह मरीजों और उनके तीमारदारों को इलेक्ट्रिक वाहनों से संबंधित ओपीडी तक पहुंचाया जाता है। इससे सुबह-सुबह लंबी कतारों में लगने का तनाव कम होता है और पंजीकरण प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो पाती है।


इस आश्रय केंद्र की क्षमता लगभग 250 लोगों की है। यहां उपलब्ध सुविधाओं से मरीजों को आराम मिलने के साथ-साथ उनकी गरिमा भी बनी रहती है। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से न केवल मरीजों की परेशानी कम हुई है, बल्कि ओपीडी पंजीकरण क्षेत्रों में भीड़ प्रबंधन भी बेहतर हुआ है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि जरूरत और स्थान की उपलब्धता के आधार पर भविष्य में इस सुविधा का विस्तार किया जा सकता है, ताकि अधिक मरीजों और उनके तीमारदारों को इसका लाभ मिल सके।

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