ब्रेकिंग
Bihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतराBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतरा

अब बच्चों को लोरी गाकर सुलाने से मां को मिलेगा छुटकारा! बेंगलुरू की महिला इंजीनियर ने बनाया 'AI पालना'

AI Cradle: महिला इंजीनियर राधिका पाटिल ने स्वचालित AI पालना 'क्रेडलवाइज' इजाद किया है। 'क्रेडलवाइज पालना' को अमेरिका, कनाडा जैसे देशों में सफलता मिल चुकी है।

AI Cradle
बेंगलुरू की महिला इंजीनियर ने बनाया 'AI पालना'
© google
Khushboo Gupta
Khushboo Gupta
3 मिनट

AI Cradle: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में बच्चों को संभालना माता-पिता के लिए चुनौती बन गया है। परेशानी तब और भी बढ़ जाती है, जब माता-पिता दोनों कामकाजी हों। ऐसे में बच्चे संभालना उनके लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। बच्चों को संभालने में माता-पिता को कुछ हद तक कम परेशानी झेलनी पड़े इसके लिए मार्केट में क्रेडलवाइज का AI पालना उपलब्ध है।


अब मां को लोरी गाकर सुलाने से मिलेगा छुटकारा!

इस एआई पालना से आज के मॉडर्न जमाने में अब मां को बच्चों को सुलाने के लिए लोरी नहीं गानी पड़ेगी। जी हां AI पालना सभी मां की प्रॉब्लम को दूर कर देगा। छोटो बच्चों को पर्याप्त नींद की जरूरत होती है ताकि उनका शारीरिक और मानसिक विकास सही से हो सके। इसी समस्या का समाधान करते हुए बेंगलूरू की एक महिला इंजीनियर राधिका पाटिल ने दुनिया का पहला अत्याधुनिक स्वचालित पालना (क्रिब) बनाया है। जिसे क्रेडलवाइज नाम दिया गया है। भारत में इस पालने की कीमत 1 लाख 59 हजार 900 रुपये  है।


यह पालना स्वचालित रूप से बच्चे को झुलाने लगता है

यह पालना स्मार्ट तकनीक से लैस है। जब इसमें रखे गये बच्चे की कोई हलचल या आवाज होती है तो यह पालना स्वचालित रूप से बच्चे को झुलाने लगता है। खास बात यह है कि माता-पिता को उनके मोबाइल एप्लिकेशन के जरिये इसकी सूचना मिलती है। इस पालने की खासियत यह है कि इसमें कृत्रिम बुद्धिमता (AI) का इस्तेमाल किया गया है। जिससे बच्चे की नींद में कोई बाधा नहीं आती है साथ ही यह बच्चे की सुरक्षा को भी सुनिश्चित करता है। क्रेडलवाइज पालने को अमेरिका के जेपीएमए यानी जुवेनाइल प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन और ग्रीन गार्ड से सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त है। जो इसके उच्च सुरक्षा मानकों को प्रमाणित करते हैं।


पालने में लगा है अत्याधुनिक कैमरा और सेंसर

इस पालने में अत्याधुनिक कैमरे और सेंसर लगे हैं, जो बच्चे की गतिविधियों को ट्रैक करते हैं और माता-पिता को रियल टाइम सूचनाएं देते हैं। क्रेडलवाइज पालना को अमेरिका और कनाडा में पहले ही सफलता मिल चुकी है। इन देशों में हजारों माता-पिता इसे इस्तेमाल कर रहे हैं। अब यह प्रोडक्ट भारत में भी उपलब्ध है। क्रेडलवाइज की संस्थापक राधिका पाटिल पिंपरी चिंचवड की फेमस सर्जन डॉक्टर नितिन गांधी की बेटी हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई पुणे के सीओआईपी और बेंगलुरू के इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस से की है। उनका ये प्रोडक्ट अब भारतीय बाजारों में भी उपलब्ध है। इस प्रोडक्ट के बारे में ज्यादा जानकारी आप (www.cradlewise.com) पर प्राप्त कर सकते हैं।


रिपोर्टिंग
K

रिपोर्टर

KHUSHBOO GUPTA

FirstBihar संवाददाता