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कलयुग का श्रवण कुमार! 92 साल की मां को महाकुंभ ले जाने के लिए खुद बैलगाड़ी खींच रहा 65 साल का बेटा

Mahakumbh 2025: यूपी के जनपद बुलंदशहर में नेशनल हाईवे 34 से 65 साल के एक व्यक्ति अपनी मां को बैलगाड़ी से महाकुंभ लेकर जा रहे हैं। वह खुद अपने हाथों से बैलगाड़ी खींच रहे हैं जिसमें उनकी 92 साल की बुजुर्ग मां बैठी हैं।

 Mahakumbh 2025
मां को बैलगाड़ी से ले जा रहा महाकुंभ
© google
Khushboo Gupta
Khushboo Gupta
3 मिनट

Mahakumbh 2025:  मुजफ्फरनगर के रहने वाले 65 साल के चौधरी सुदेश पाल लोगों के लिए मिसाल बन रहे हैं। लोग उन्हें कलयुग का श्रवण कुमार कहकर बुला रहे हैं। दरअसल वो अपनी मां को महाकुंभ मेले में पवित्र स्नान कराने के लिए बैलगाड़ी पर बिठाकर उसे खुद खींच रहे हैं। बुलंदशहर में नेशनल हाईवे 34 से वो अपनी मां को हाथ से गाड़ी खींचकर महाकुंभ प्रयागराज ले जा रहे हैं। बैलगाड़ी खींचने वाले सुदेश खुद 65 साल के हैं और गाड़ी में उनकी 92 साल की बुजुर्ग मां बैठी हुई हैं। बुजुर्ग चौधरी सुदेश पाल मालिक ने मुजफ्फरनगर से यात्रा शुरू की है। वह पैदल बैलगाड़ी से अपनी 92 साल की बुजुर्ग मां को महाकुंभ प्रयागराज में स्नान करने के लिए ले जा रहे हैं। महाकुंभ में वह अपनी मां को आस्था की डुबकी लगवाएंगे। 


सुदेश पाल मलिक ने बताया कि उनकी यह यात्रा 13 दिन में पूरी होगी। वो हर रोज 50 किमी की दूरी तय कर रहे हैं।  उन्होंने बताया कि 25 साल पहले उनके घुटने खराब हो गए थे, जिसके बाद वो मां की सेवा किया करते थे। उनका कहा है कि मां और भगवान के आशीर्वाद से उनके पैर के घुटने ठीक हो गए। जबकि डॉक्टरों ने उनके घुटने को लाइलाज घोषित कर दिया था। सुदेश बताते हैं कि घुटने ठीक करने के लिए उन्होंने कोई दवा नहीं खाई। उन्होंने बताया कि मां के चरणों में सेवा कर आशीर्वाद लिया, इसके बाद वह अपने पैरों पर चल सके।


आपको बता दें कि इससे पहले भी वह अपनी मां को हरिद्वार से अपने कंधों पर लेकर मुजफ्फरनगर पहुंच चुके हैं। अब उन्होंने महाकुंभ में अपनी मां को आस्था की डुबकी लगवाने का प्रण लिया है। उनकी यह पैदल यात्रा 50 से 60 किलोमीटर प्रतिदिन की हो रही है। पैदल गाड़ी में बिठाकर वो अपनी मां को महाकुंभ ले जा रहे हैं।

रिपोर्टिंग
K

रिपोर्टर

KHUSHBOO GUPTA

FirstBihar संवाददाता