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Bihar Elections 2025: राहुल -तेजस्वी में नहीं बन रही बात ! स्टार प्रचारक की लिस्ट के बाद ही कांग्रेस के बड़े नेता का बिहार दौरा तय नहीं; आखिर क्या बन रही वजह ?

Bihar Elections 2025: राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी अब तक राज्य में कोई बड़ा जनसंपर्क अभियान नहीं चला पाई है। वोट अधिकार यात्रा के बाद राहुल गांधी ने बिहार का दौरा नहीं किया, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में असंतोष का माहौल है।

Bihar Election 2025
बिहार चुनाव 2025
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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

बिहार चुनाव 2025: बिहार विधान सभा चुनाव 2025 में ऐसे-ऐसे मतदान की तारीखें सामने आ रही हैं, राजनीतिक प्रवचनों की सक्रिय आबादी जा रही है। बीजेपी, राजतंत्र, ट्रैक्टर और रिपब्लिकन (रामविलास) समेत सभी प्रमुख दल अपने-अपने प्रचार अभियान को तेज कर रहे हैं। राज्य के हर जिले में रैलियों, पत्थरों और रोड शो के माध्यम से अपीलों को साधने की कोशिशें जारी हैं। इस बीच कांग्रेस की ओर से रजिस्ट्री एसोसिएशन में तेजी से देखने को नहीं मिल रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी अब तक राज्य में कोई भी बड़ा राष्ट्रीय अभियान नहीं चला पाई है। वोट अधिकार यात्रा के बाद राहुल गांधी ने बिहार दौरा नहीं किया, जिससे कांग्रेस में असंतोष का माहौल बन गया।


राज्य में जहां प्रमुख के शीर्ष नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार और अन्य सहयोगी दलों के नेता लगातार दौरे कर रहे हैं, वहीं रोमानिया में कांग्रेस की निष्क्रियता से गठबंधन के अंदर भी हलचल देखने को मिल रही है। राजनीतिक सिद्धांतों का मानना है कि राहुल गांधी की अनुपस्थिति का असर समर्थकों के अनुपात पर पड़ सकता है। बिहार जैसे राज्य में जहां जातिगत और स्थानीय मुद्दे अहम भूमिका निभाते हैं, वहां शीर्ष नेताओं के समर्थकों को प्रभावित करने में बड़ी भूमिका निभाती है।


इसी बीच कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि राहुल गांधी नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत में पश्चिम बंगाल में अपना चुनाव प्रचार अभियान शुरू करेंगे। पार्टी की सूची के मुताबिक, पूरा ध्यान बिहार विधानसभा चुनाव पर केंद्रित है, और इसे खत्म करते हुए राहुल गांधी पश्चिम बंगाल का रुख करेंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (सी) के पर्यवेक्षक गुलाम अहमद मीर ने कहा कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व बिहार चुनाव के बाद बंगाल में सक्रिय होगा।


कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि बिहार चुनाव खत्म होने तक जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना जरूरी है। पार्टी की रणनीति है कि शेष मंच के मतदान से पहले प्रचार को गति दी जाए और राहुल गांधी के दौरे के जरिए जोश भरा जाए। बिहार में समर्थकों के लिए चुनाव को बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसका असर केवल राज्य की राजनीति पर नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सोसायटी एकता की दिशा पर भी है।

नेव।