ब्रेकिंग
राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने का अंतिम नोटिस, सरकार ने इतने दिन का दिया समयबिहार में मोहर्रम से पहले बड़ी साजिश नाकाम, किराना दुकान से 5 जिंदा सुतली बम बरामद; बम स्क्वायड ने किया डिफ्यूजBihar Cabinet Meeting: बिहार के शिक्षकों के लिए गुड न्यूज...इस आधार पर होगा आपका ट्रांसफऱ, जानें...Bihar Cabinet Meeting: बिहार के एक और शहर में सेटेलाइट टाउनशिप, कमिश्नर को मिला बड़ा जिम्मा..बनाया गया प्राधिकार का अध्यक्ष सम्राट कैबिनेट की बैठक में 45 एजेंडों पर मुहर, शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर बनी नई नीति..भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच को लेकर न्यायिक आयोग का गठनराबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने का अंतिम नोटिस, सरकार ने इतने दिन का दिया समयबिहार में मोहर्रम से पहले बड़ी साजिश नाकाम, किराना दुकान से 5 जिंदा सुतली बम बरामद; बम स्क्वायड ने किया डिफ्यूजBihar Cabinet Meeting: बिहार के शिक्षकों के लिए गुड न्यूज...इस आधार पर होगा आपका ट्रांसफऱ, जानें...Bihar Cabinet Meeting: बिहार के एक और शहर में सेटेलाइट टाउनशिप, कमिश्नर को मिला बड़ा जिम्मा..बनाया गया प्राधिकार का अध्यक्ष सम्राट कैबिनेट की बैठक में 45 एजेंडों पर मुहर, शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर बनी नई नीति..भरत तिवारी एनकाउंटर मामले की जांच को लेकर न्यायिक आयोग का गठन

JP Nadda statement : ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ नारे पर बिफरे जेपी नड्डा, सोनिया गांधी से माफी की मांग, कहा - यह “नामदारों की झुंझलाहट”

कांग्रेस की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए ‘कब्र खोदने’ वाले नारे पर संसद में भारी हंगामा हुआ। राज्यसभा में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए सोनिया गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की।

JP Nadda statement : ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ नारे पर बिफरे जेपी नड्डा, सोनिया गांधी से माफी की मांग, कहा - यह “नामदारों की झुंझलाहट”
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

JP Nadda statement : कांग्रेस की एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए आपत्तिजनक नारे को लेकर सोमवार को संसद के दोनों सदनों में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसदों ने कांग्रेस को घेरते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। राज्यसभा में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि इस तरह के नारे न केवल निंदनीय हैं, बल्कि यह कांग्रेस पार्टी की सोच और मानसिकता को भी उजागर करते हैं।


जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि “बहुत ही दुख के साथ और उद्वेलित मन से मैं एक घटना को सदन के सामने रखना चाहता हूं। कल कांग्रेस की रैली में ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी, आज तो नहीं तो कल खुदेगी’ जैसे नारे लगाए गए। यह अपने आप में बेहद शर्मनाक है। किसी भी निर्वाचित प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना और मृत्यु की कामना करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।”


नड्डा ने कहा कि ऐसे नारे यह दर्शाते हैं कि कांग्रेस पार्टी किस स्तर की राजनीति कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के भीतर हताशा और झुंझलाहट इस हद तक बढ़ चुकी है कि वह मर्यादाओं को पूरी तरह भूल गई है। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि यह “नामदारों की झुंझलाहट” है, जो बार-बार सामने आ रही है।


जेपी नड्डा ने इस पूरे प्रकरण के लिए कांग्रेस की शीर्ष नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराते हुए पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से देश से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी की नेता सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए इस्तेमाल किए गए इन अपशब्दों और नफरत भरे नारों के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए। यह केवल बीजेपी या प्रधानमंत्री का अपमान नहीं है, बल्कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान है।”


नड्डा ने आगे कहा कि राजनीति में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन भाषा और मर्यादा की एक सीमा होती है। इस तरह के नारे राजनीतिक असहमति नहीं, बल्कि घृणा और हिंसक मानसिकता को दर्शाते हैं। राज्यसभा में बोलते हुए बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस पर राजनीति का स्तर गिराने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “कांग्रेस पार्टी ने राजनीति का स्तर इतना गिरा दिया है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। यह न केवल दुखद है, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी खतरनाक संकेत है। मैं इसकी घोर निंदा करता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करना चाहिए कि वह किस दिशा में जा रही है। अगर विपक्ष अपनी भूमिका निभाने के बजाय इस तरह की भाषा का सहारा लेगा, तो यह संसद और लोकतंत्र दोनों के लिए ठीक नहीं है।


जेपी नड्डा के बयान के बाद राज्यसभा में विपक्षी सदस्यों ने जोरदार विरोध किया। कांग्रेस सांसदों ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि बीजेपी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के मामलों को उठा रही है। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के चलते सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी हुई। लोकसभा में भी इस मुद्दे को लेकर बीजेपी सांसदों ने विरोध दर्ज कराया और कांग्रेस से माफी की मांग की। सत्ता पक्ष का कहना था कि विपक्ष को अपनी भाषा और आचरण पर नियंत्रण रखना चाहिए।

हालांकि कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित रही, लेकिन पार्टी नेताओं का कहना है कि बीजेपी इस मामले को राजनीतिक रंग दे रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि पार्टी किसी भी तरह की हिंसक या आपत्तिजनक भाषा का समर्थन नहीं करतीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए इस नारे ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है। एक ओर बीजेपी इसे कांग्रेस की “नकारात्मक और घृणास्पद राजनीति” बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे सत्ता पक्ष की ओर से ध्यान भटकाने की कोशिश करार दे रही है।


कुल मिलाकर, यह विवाद एक बार फिर दिखाता है कि राजनीतिक बयानबाजी किस तरह संसद तक पहुंचकर हंगामे का रूप ले लेती है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।