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Bihar Politics: NDA में हो गया तय, नीतीश ही लेंगे CM पद की शपथ; अमित शाह से मुलाकात के बाद करीबी मंत्री ने कर दिया खुलासा

Bihar Politics: जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी तरह की ‘वैकेंसी’ नहीं है।

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बिहार की राजनीतिक में हलचल
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PRIYA DWIVEDI
5 मिनट

Bihar Politics: बिहार में एनडीए की नई सरकार के गठन को लेकर सियासी कवायद के बीच एक बड़ा फैसला सामने आ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद एनडीए के करीबी मंत्री ने स्पष्ट किया कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस निर्णय के साथ ही बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों का अंत हो गया है और जनता के सामने सरकार की रूपरेखा स्पष्ट हो गई है। एनडीए में लंबे समय से चली आ रही चर्चाओं और बैठकों के बाद यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया है, जिससे पार्टी के अंदर भी स्थिरता और सामूहिक रणनीति का संदेश गया है।


जदयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुख्यमंत्री आवास पर मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में साफ तौर पर कहा कि बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर किसी तरह की ‘वैकेंसी’ नहीं है। उनके अनुसार जनता ने एनडीए को जो ऐतिहासिक बहुमत दिया है, वह नीतीश कुमार के नेतृत्व और विकास कार्यों पर भरोसे का नतीजा है।


ललन सिंह ने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री पद का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नीतीश कुमार आज भी मुख्यमंत्री हैं और भविष्य में भी वही रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ दलों और नेताओं को अपनी अपेक्षाओं पर पुनर्विचार करना चाहिए, क्योंकि जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है कि वह स्थिर सरकार और अनुभवी नेतृत्व चाहती है।


ललन सिंह ने महागठबंधन की हार को केवल चुनावी पराजय नहीं बल्कि जनता के सख्त संदेश के रूप में बताया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के पास न तो कोई ठोस नेतृत्व है और न ही राज्य की जरूरतों और वास्तविकताओं की समझ। उनके अनुसार ‘देश चलाने का दावा करने वाले’ नेताओं के पास अनुभव की कमी और राज्य की समस्याओं की समझ न होने के कारण जनता ने उन्हें नकारा। उन्होंने यह भी कहा कि अब लोग भावनात्मक भाषण, नारों और बड़े दावों से प्रभावित नहीं होते, बल्कि काम और परिणाम को प्राथमिकता देते हैं।


केंद्रीय मंत्री ने नीतीश कुमार के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून व्यवस्था और ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों में पिछले वर्षों में बड़े सुधार हुए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार लगातार काम कर रही थी और जनता ने इसी आधार पर उन्हें भारी समर्थन दिया। ललन सिंह ने यह भी कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार तेज गति से विकास करेगा और देश के विकसित राज्यों की सूची में अपनी जगह मजबूत करेगा।


ललन सिंह के अनुसार बिहार के मतदाताओं ने इस चुनाव में स्पष्ट संदेश दिया कि उन्हें स्थिर, अनुभवी और विकासमुखी नेतृत्व चाहिए। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की प्रशासनिक क्षमता और लंबे अनुभव ने बिहार के विकास को नई दिशा दी है और जनता इसे निरंतर जारी देखना चाहती है।


ललन सिंह ने कहा कि चुनाव परिणाम महागठबंधन के लिए साफ चेतावनी है। केवल सत्ता की इच्छा, अवसर की राजनीति और बड़े दावे जनता को प्रभावित नहीं कर सकते। अब लोग उन सरकारों को चुनते हैं जो काम करती हैं, नीति लागू करती हैं और परिणाम जमीन पर दिखाई देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में बिहार में विकास, सुशासन और स्थिरता ही मुख्य मुद्दा रहेंगे और जनता इसी पर भरोसा करेगी।


ललन सिंह की बयानबाजी स्पष्ट संकेत देती है कि एनडीए और जदयू भविष्य में किसी भी तरह के सत्ता संघर्ष से बचते हुए अपने नेतृत्व को मजबूत करना चाहती है। उनका यह भी मानना है कि आगामी विधानसभा सत्र और नीतिगत निर्णयों में नीतीश कुमार का नेतृत्व निर्णायक होगा और पार्टी अपने विजयी मंत्रियों और विधायकों के माध्यम से राजनीतिक स्थिरता और विकास कार्यों को आगे बढ़ाएगी।


इस प्रकार ललन सिंह ने साफ कर दिया कि बिहार में मुख्यमंत्री पद की वैकेंसी नहीं है, नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री रहेंगे और जनता के भरोसे और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता तय करेंगे।

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