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Bihar Election Result 2025: मोदी-नीतीश की जोड़ी हुई हीट फिर भी बड़े अंतर से चुनाव हार गए मंत्री जी; जानिए आखिर ऐसा क्यों हुआ

Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने महागठबंधन को करारी मात देकर सत्ता में वापसी की है। इस बार के चुनाव में मंत्रियों का प्रदर्शन भी बेहद शानदार रहा। केवल एक मंत्री सुमित कुमार सिंह को हार का सामना करना पड़ा।

Bihar Election Result 2025
बिहार चुनाव रिजल्ट 2025
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने महागठबंधन को करारी मात देकर सत्ता में वापसी की है। इस बार के चुनाव में मंत्रियों का प्रदर्शन भी बेहद शानदार रहा। चुनाव लड़ने वाले कुल 25 मंत्रियों में से 24 मंत्री जीतकर विधानसभा पहुंचे, जो सरकार और पार्टी की लोकप्रियता का संकेत हैं। केवल एक मंत्री सुमित कुमार सिंह को हार का सामना करना पड़ा, जो चकाई से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतरे थे। सुमित कुमार ने 2010 में पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और 2015 में चुनाव हार गए थे। इसके बाद 2020 में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार उन्हें सफलता नहीं मिली।


भाजपा के लिए भी चुनाव बेहद सकारात्मक रहे। पहली बार चुनाव लड़ रहे भाजपा नेता मंगल पांडेय विजयी रहे। दोनों उपमुख्यमंत्री, सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने भी जीत दर्ज की। सम्राट चौधरी वर्तमान में विधानपरिषद के सदस्य हैं और इस बार भाजपा ने उन्हें तारापुर से उम्मीदवार बनाया था। इससे पहले वह दो बार परबत्ता (खगड़िया) से विधायक रह चुके हैं। भाजपा के 15 मंत्रियों ने मैदान में अपनी ताकत दिखाई और सभी विजयी रहे।


कृषि मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रेम कुमार ने गया टाउन सीट लगातार आठवीं बार जीतकर रिकॉर्ड बनाया। उनके जेडीयू कैबिनेट सहयोगी बिजेंद्र यादव (सुपौल) ने भी लगातार आठवीं बार जीत हासिल की। यह लगातार जीत उनके क्षेत्रों में मजबूत जनाधार और जनता के बीच लोकप्रियता का संकेत देती है।


जदयू के लिए भी चुनाव परिणाम बेहद संतोषजनक रहे। पार्टी के 11 मंत्रियों में सभी विजयी रहे। इनमें विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, लेशी सिंह, मदन सहनी, महेश्वर हजारी, शीला कुमारी, सुनील कुमार, जयंत राज, मोहम्मद जमाखान और रत्नेश सदा शामिल हैं। जदयू और भाजपा मंत्रियों की यह मजबूत जीत सरकार की स्थिरता और आगामी कार्यकाल में योजनाओं को सुचारु रूप से लागू करने की क्षमता का संकेत देती है।


विशेष रूप से यह जीत इस बात को भी दर्शाती है कि जनता ने पिछले कार्यकाल में मंत्रियों के प्रदर्शन को सराहा और उन्हें दोबारा मौका देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मंत्रीगण की लगातार जीत और रिकॉर्ड प्रदर्शन एनडीए के संगठनात्मक मजबूत पकड़े और चुनाव रणनीति की सफलता को भी उजागर करता है।