Farmer Registry Bihar: फार्मर रजिस्ट्री में सुस्ती पर सख्त हुआ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, सचिव ने जारी किए निर्देश; क्या बोले डिप्टी सीएम?

Farmer Registry Bihar: बिहार में फार्मर रजिस्ट्री में सुस्ती पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग सख्त, सचिव गोपाल मीणा ने अधिकारियों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Fri, 02 Jan 2026 04:31:41 PM IST

Farmer Registry Bihar

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Farmer Registry Bihar: एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग के सचिव गोपाल मीणा ने सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारियों को जमाबंदी के बकेट क्लेम एवं सत्यापन का कार्य मिशन मोड में करने का निर्देश दिया है।


बिहार के उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एग्री स्टैक परियोजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री राज्य सरकार की अत्यंत महत्वपूर्ण और प्राथमिकता वाली योजना है। इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा और भविष्य में सभी कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित हो सकेगा।


जमाबंदी के बकेट क्लेम एवं सत्यापन में अपेक्षित प्रगति नहीं होना गंभीर विषय है। इसे किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी इस कार्य को मिशन मोड में लेते हुए प्रतिदिन लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करें।


मुख्य सचिव स्तर से दो चरणों में होने वाली समीक्षा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि राज्य सरकार इस कार्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। जहां कहीं भी लापरवाही या शिथिलता पाई जाएगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। हमारा उद्देश्य है कि फार्मर रजिस्ट्री में शत-प्रतिशत प्रगति हो, ताकि राज्यभर के किसानों की डिजिटल पहचान, योजनाओं का सीधा लाभ और भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से मुक्ति मिल सके।


सचिव निर्देश के अनुसार, मुख्य सचिव बिहार की अध्यक्षता में 3 जनवरी 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा में सभी जिलों के समाहर्ता, कृषि विभाग एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। उल्लेखनीय है कि इस कार्य की निगरानी केंद्र सरकार के स्तर से भी की जा रही है।


विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जहां कृषि विभाग द्वारा सत्यापित ई केवाईसी की प्रगति लगभग 31 प्रतिशत है। वहीं राजस्व विभाग द्वारा जमाबंदी के बकेट क्लेम एवं सत्यापन की प्रगति मात्र 4.8 प्रतिशत है, जो अत्यंत कम मानी जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।


फार्मर रजिस्ट्री में शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव द्वारा दो चरणों में समीक्षा प्रस्तावित की गई है। प्रथम चरण की समीक्षा 6 जनवरी से 9 जनवरी 2026 तक तथा द्वितीय चरण की समीक्षा 18 जनवरी से 21 जनवरी 2026 तक की जाएगी।


निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारी ऑनलाइन पोर्टल पर जमाबंदी के बकेट क्लेम एवं सत्यापन का कार्य प्रतिदिन अनिवार्य रूप से करेंगे। साथ ही, कार्य प्रगति का दैनिक अनुश्रवण अंचल अधिकारी एवं अपर समाहर्ता स्तर पर किया जाएगा, जबकि मुख्यालय स्तर पर भी इसकी प्रतिदिन समीक्षा होगी।


सचिव गोपाल मीणा ने सभी संबंधित अधिकारियों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश देते हुए कहा है कि फार्मर रजिस्ट्री की सफलता राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। इस संबंध में जिलावार एवं अंचलवार अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन, प्रशिक्षण वीडियो तथा यूजर मैनुअल भी उपलब्ध कराया गया है, ताकि कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियागत बाधा न रहे।