1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Fri, 02 Jan 2026 04:49:34 PM IST
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Bihar Police: एक इंस्पेक्टर, दारोगा से सेट हो गए थे. दारोगा ने अपने भाई को केस से बचाने के लिए बैचमेट इंस्पेक्टर पर दबाव बनाया. इसके बाद पुलिस निरीक्षक ने पीड़ित परिवार पर दबाव बनाकर पंचायती कराई. 60 हजार रू देकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई. खुलासे के बाद आरोपी इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया है. मोतिहारी एसपी की रिपोर्ट पर बेतिया रेंज के डीआईजी ने इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है.
सुगौली अंचल निरीक्षक का खेल उजागर
पूर्वी चंपारण के सुगौली अंचल निरीक्षक अशोक कुमार पांडेय एक दरोगा के प्रभाव में आकर दुर्घटना के केस को रफा दफा करने की तैयारी में थे. चार महीने तक सुपरविजन रिपोर्ट पेंडिंग रखा. इसके बाद यह कार्रवाई की गई है. दरअसल, 18 दिसंबर 2025 को मोतीहारी एसपी के जनता दरबार में सुगौली थाना कांड संख्या 438/25 की वादिनी ने कंप्लेंट किया था और न्याय की गुहार लगाई थी.
ट्रेनी डीएसपी को जांच का मिला था जिम्मा
शिकायत मिलने के बाद मोतिहारी एसपी ने ट्रेनी डीएसपी ऋषभ कुमार को जांच का जिम्मा दिया. डीएसपी ने जो जांच प्रतिवेदन दिया, उसमें बताया गया कि घटना के चार माह बाद भी अंचल पुलिस निरीक्षक सुगौली ने सुपरविजन रिपोर्ट नहीं दिया, जो इनकी अनुशासनहीनता का परिचायक है. जांच में यह भी बात सामने आई है कि जिस ट्रैक्टर से धक्का लगा था और एक व्यक्ति की मौत हुई थी, उसके मालिक बृजेश कुमार मिश्रा को बचाने की तैयारी थी. ट्रैक्टर मालिक का भाई बिहार पुलिस में दरोगा है .
दारोगा और इंस्पेक्टर में बातचीत के आरोप साबित
सुगौली के सर्किल इंस्पेक्टर के मोबाइल का जब डीवीआर निकाला गया, तब इस बात की पुष्टि हुई. पता चला कि ट्रैक्टर मालिक का भाई जो दारोगा है और सुगौली के सर्किल इंस्पेक्टर में काफी बातचीत हुई है. इन्हीं के इशारे पर अंचल निरीक्षक सुगौली ने इस कांड का समय से पर्यवेक्षण नहीं किया. बाहरी प्रभाव में आकर एवं तथ्य के अनुरूप अनुसंधान न कर पंचायती का सहारा लिया. मृतक की पत्नी पर दबाव बनाया गया, ताकि मुख्य अभियुक्त ट्रैक्टर मालिक को बचाया जा सके. सुगौली अंचल निरीक्षक का यह कृत्य के आरोप में पुलिस अधीक्षक मोतिहारी ने डीआईजी को रिपोर्ट किया. इसके बाद पुलिस उप महानिरीक्षक ने आरोपी अंचल अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है.