SITAMADHI: सीतामढ़ी जिले का मोस्ट वांटेड और 25 हजार रुपये का इनामी अपराधी प्रभु भगत पुलिस हिरासत से फरार हो गया। हाजत से फरार होने की इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। फरार अपराधी की गिरफ्तारी के लिए जिलेभर में सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, परिहार थाना पुलिस ने नए परसौनी थाना क्षेत्र के मदनपुर निवासी महेंद्र भगत के पुत्र प्रभु भगत को गांजा के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान वह पुलिस अभिरक्षा में हाजत से फरार हो गया।
प्रभु भगत सीतामढ़ी पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल रहा है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह हत्या, लूट, रंगदारी समेत करीब एक दर्जन संगीन आपराधिक मामलों में आरोपी है। उस पर सुपारी लेकर हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देने के भी आरोप हैं।
बताया जाता है कि प्रभु भगत को एक जुलाई 2024 को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लंबे समय तक जेल में रहने के बाद हाल ही में वह बाहर आया था और एक बार फिर आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया था। इसी बीच पुलिस ने उसे गांजा के साथ दोबारा गिरफ्तार किया, लेकिन न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से पहले ही वह फरार होने में सफल रहा।
घटना के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात तीन चौकीदारों को निलंबित कर दिया है। वहीं, सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने सदर डीएसपी-2 आशीष आनंद को पूरे मामले की जांच का जिम्मा सौंपते हुए विस्तृत प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया है।
इनामी अपराधी के पुलिस हिरासत से फरार होने की घटना ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, पुलिस का दावा है कि प्रभु भगत की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और उसे जल्द ही दोबारा गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




