ब्रेकिंग
सरेंडर से पहले अनंत सिंह ने दिखाया दम: प्रयागराज जाने के दौरान हुआ भव्य स्वागत, कहीं फूलों की बारिश तो कहीं पहनाया गया चांदी का मुकुट✦सुरक्षित आंखें...सुरक्षित दिवाली: पटाखों से आंखों में चोट लगी तो चिंता नहीं, 15 साल से कम उम्र के बच्चों का मुफ्त इलाज करेगा एएसजी आई हॉस्पिटल✦सीवान कोर्ट में पेशी के बाद शहाबुद्दीन के घर पहुंचे लालू प्रसाद, ओसामा के बेटे को दुलारते आए नजर✦बिहार जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस में लगी आग, रेल यात्रियों में मची चीख-पुकार✦15 साल पुराने केस में लालू यादव पर आरोप गठित, सीवान कोर्ट में हुए पेश; अब शुरू होगा ट्रायल✦सरेंडर से पहले अनंत सिंह ने दिखाया दम: प्रयागराज जाने के दौरान हुआ भव्य स्वागत, कहीं फूलों की बारिश तो कहीं पहनाया गया चांदी का मुकुट✦सुरक्षित आंखें...सुरक्षित दिवाली: पटाखों से आंखों में चोट लगी तो चिंता नहीं, 15 साल से कम उम्र के बच्चों का मुफ्त इलाज करेगा एएसजी आई हॉस्पिटल✦सीवान कोर्ट में पेशी के बाद शहाबुद्दीन के घर पहुंचे लालू प्रसाद, ओसामा के बेटे को दुलारते आए नजर✦बिहार जा रही कर्मभूमि एक्सप्रेस में लगी आग, रेल यात्रियों में मची चीख-पुकार✦15 साल पुराने केस में लालू यादव पर आरोप गठित, सीवान कोर्ट में हुए पेश; अब शुरू होगा ट्रायल

सहरसा और सुपौल डाकघर में करोड़ों की हेराफेरी, कई कर्मी हुए सस्पेंड

DESK: बिहार के सहरसा और सुपौल के अलग-अलग डाकघरों से डाक कर्मियों के काले कारनामे का खुलासा हुआ है। यहां 3 करोड़ 45 लाख की हेराफेरी की गई है। इस हेराफेरी को लेकर सहरसा और सुपौल

सहरसा और सुपौल डाकघर में करोड़ों की हेराफेरी, कई कर्मी हुए सस्पेंड
First Bihar
3 मिनट

DESK: बिहार के सहरसा और सुपौल के अलग-अलग डाकघरों से डाक कर्मियों के काले कारनामे का खुलासा हुआ है। यहां 3 करोड़ 45 लाख की हेराफेरी की गई है। इस हेराफेरी को लेकर सहरसा और सुपौल मिलाकर कुल 14 कर्मियों को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। मामला फरवरी महीने का ही है। वहीं, जांच करने आये पोस्टमॉस्टर जेनरल पूर्वी क्षेत्र के अदनान अहमद ने 14 कर्मियों को निलंबित कर दिया। 



निलंबित कर्मियों में प्रधान डाकघर सहरसा के डाकपाल राजेश कुमार, मुकेश मिश्रा, वीरेंद्र साहा, मनोज हांसदा, एसबीओ सुपरवाईजर मुकेश निराला शामिल हैं। जानकारी हो कि इन सब कर्मियों ने मृत खाते को बिना केवाईसी लिए रिवाईज कर खाता को चालू करके करोड़ों की निकासी कर ली थी। इसका मास्टरमाइंड प्रधान डाकघर के तत्कालीन डाकपाल राजेश कुमार और ऐसबीओ सुपरवाईजर मुकेश कुमार निराला बताया जा रहा है। विभागीय सूत्रों की माने तो प्रधान डाकघर के डाकपाल को अनफ्रीज करने का पावर रहता है। जिसका उनके द्वारा दुरुपयोग किया गया। 



वहीं एसबीसीओ सुपरवाईजर मुकेश कुमार निराला ने ठीक से जांच नहीं की और न ही ग्राहक के हस्ताक्षर का मिलान किया। इन कर्मियों ने नियम को ताख पर रखकर डाकपाल की मिलीभगत से लंबे समय से ट्रांजेक्शन नहीं हुए मृत खाते को प्रधान डाकघर सहित अन्य डाकघरों में चालू कर दिया गया। जब 2016 में माइग्रेट होने पर खाते में पैसा बढ़ने लगा तो उक्त कर्मियों के द्वारा पैसा निकासी की जाने लगी। जब इसकी भनक प्रधान डाकघर के डाकपाल राजीव रंजन को को लगी तो उन्होंने अपने वरीय अधिकारियों को विधिवत सूचना दी। उसके बाद इस करोड़ो रूपये की हेराफेरी की पोल खुलने लगी।



सूत्रों के हवाले इस हेराफेरी मामले को लेकर सीबीआई जांच के लिए भी विभाग द्वारा अनुशंसा की गई है। हालांकि प्रधान डाकघर के डाकपाल राजीव रंजन ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हमें जानकारी नहीं है। हमारे वरीय अधिकारी ही बता पाएंगे। वहीं इस हेराफेरी की मामले को लेकर प्रधान डाकघर के डाकपाल राजीव रंजन ने बताया कि सहरसा और सुपौल मिलाकर कुल 2 लाख 49 हजार की रिकवरी हो गयी है और जांच चल ही रही है। जांच अभी पूरा नहीं हुआ है, जांच पूरा होने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।

टैग्स
रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RITESH HUNNY

FirstBihar संवाददाता