नीट छात्रा मौत मामले की जांच तेज: फिर से जहानाबाद पहुंची CBI की टीम, पूछताछ के बाद भाई को ले गई साथ

पटना की नीट छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में सीबीआई ने जांच तेज कर दी है। जहानाबाद के पैतृक गांव पहुंची टीम ने परिजनों से पूछताछ की और छात्रा के भाई को साथ लेकर पटना गई। दुष्कर्म, हत्या और आत्महत्या के सभी एंगल से जांच जारी है।

1st Bihar Published by: Ajit Kumar Updated Tue, 17 Feb 2026 05:49:55 PM IST

​NEET Student Death Case

सीबीआई की जांच तेज - फ़ोटो Reporter

NEET Student Death Case: राजधानी पटना में नीट की छात्रा की संदिग्ध मौत के चर्चित मामले में CBI ने अपनी जाँच दिन ब दिन तेज कर दी है। पिछले रविबार को CBI की टीम ने जहानाबाद में नीट छात्रा के पैतृक घर जहानाबाद पहुंची, जहां उसके परिजनों से विस्तृत पूछताछ किया गया था।


मंगलवार को फिर से सीबीआई की टीम छात्रा के गॉव पतियावा पहुँची और आज एक बार फिर से उसके परिजनों से काफी देर तक अलग अलग बिन्दु पर जानकारी इकट्ठा की है। सूत्रों के अनुसार, जानकारी मिल रही है कि छात्रा के भाई से लंबी पूछताछ के बाद सीबीआई की टीम भाई को अपने साथ पटना लेकर गई है। अधिकारियों ने छात्रा की दिनचर्या, मित्रों से संबंध, हालिया गतिविधियों और किसी संभावित विवाद या धमकी के संबंध में जानकारी ली।


सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। पीड़िता के परिजनों ने रेप के बाद छात्रा की हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस पर उन लोगों ने पूरे मामले को रफा दफा करने का आरोप लगाया था। दरअसल, यह विवाद पुलिस के बयान के बाद से ही शुरू हुआ। 


पुलिस इसे आत्महत्या का मामला बता रही थी, लेकिन छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट जब आई तो उसमें यौन उत्पीड़न की बात सामने आई। इसके बाद से पुलिस पर कई तरह के आरोप लगने लगे थे। हालांकि पुलिस ने इस मामले में हॉस्टल के मालिक को गिरफ्तार किया था। लेकिन, गर्ल्स हॉस्टल संचालिका को बिना पूछताछ के ही पुलिस ने छोड़ दिया था।


इसके साथ ही इस केस की जांच के लिए गठित एसआईटी ने छात्रा को नाबालिग बताते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा भी जोड़ी। एसआईटी की जांच में पता चला कि नीट छात्रा के अंडरगारमेंट्स में स्पर्म पाया गया था। उसके मिलान के लिए कई लोगों के डीएनए सैंपल लिए गए। इसमें कुछ परिजन और रिश्तेदार भी शामिल थे। इसपर परिजनों ने सवाल भी खड़े किए थे। इसके बाद ही सरकार ने पूरी जांच सीबीआई को सौंप दिया था।