INDIA AI IMPACT SUMMIT AND EXPO 2026: बिहार के लिए बड़ी सौगात, AI Summit में 468 करोड़ का MoU, इतने युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

बिहार ने पूर्वोत्तर भारत का टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया। IIT पटना में 250 करोड़ रुपये के रिसर्च पार्क और 60 करोड़ रुपये के AI Center of Excellence की स्थापना से युवाओं को रोजगार और एआई स्किल ट्रेनिंग के अवसर मिलेंगे।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 17 Feb 2026 06:59:22 PM IST

INDIA AI IMPACT SUMMIT AND EXPO 2026: बिहार के लिए बड़ी सौगात, AI Summit में 468 करोड़ का MoU, इतने युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण

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INDIA AI IMPACT SUMMIT AND EXPO 2026: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026 में बिहार ने पूर्वोत्तर भारत के लिए टेक्नोलॉजी हब बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस अवसर पर बिहार सरकार ने IIT पटना के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते किए, जिनमें 250 करोड़ रुपये की लागत से रिसर्च पार्क और 60 करोड़ रुपये की लागत से बिहार एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) स्थापित करने का निर्णय शामिल है। इन पहलों से राज्य में 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने और 50 हजार युवाओं को एआई स्किल ट्रेनिंग मिलने की संभावना है।


उप मुख्यमंत्री ने बिहार पवेलियन का किया उद्घाटन

समिट में बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य पवेलियन का उद्घाटन किया। केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल और राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा भी मौजूद थे। 


सम्राट चौधरी ने कहा कि जैसे भारत एआई के क्षेत्र में वैश्विक एजेंडा सेट कर रहा है, वैसे ही बिहार पूर्वोत्तर भारत का टेक हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि रिसर्च पार्क और एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से युवाओं को विश्व स्तरीय अवसर मिलेंगे।


IIT पटना में रिसर्च पार्क

IIT पटना के निदेशक प्रो टीएन सिंह ने बताया कि 250 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला रिसर्च पार्क उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सेतु का काम करेगा। इसमें इनोवेशन लैब, स्टार्टअप स्पेस और एडवांस्ड रिसर्च सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसका उद्देश्य न केवल शोध और विकास को बढ़ावा देना है, बल्कि स्टार्टअप्स और नवाचार को भी प्रोत्साहित करना है।


एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और उद्योग-शैक्षणिक साझेदारी

बिहार एआई CoE की स्थापना में टाइगर एनालिटिक्स इंडस्ट्री पार्टनर और IIT पटना एकेडमिक पार्टनर होंगे। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा, “यह सेंटर स्टार्टअप, रिसर्च और इनोवेशन के लिए प्लेटफॉर्म तैयार करेगा। हमारा लक्ष्य है कि बिहार के युवा सिर्फ नौकरी करने वाले नहीं, बल्कि नौकरी बनाने वाले बनें।”


वैश्विक कंपनियों और निवेश

समिट में 100 से अधिक टेक्नोलॉजी कंपनियों के CEO और 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 50 से अधिक देशों के मंत्री भी इस आयोजन में मौजूद थे। बिहार पवेलियन में राज्य की नई नीतियों, निवेश संभावनाओं और स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रदर्शित किया गया।


राज्य के विकास और युवाओं के लिए अवसर

उद्योग मंत्री डॉ दिलीप जायसवाल ने बताया कि नई आईटी और सेमीकंडक्टर नीतियों के बाद वैश्विक कंपनियों की रुचि बिहार में तेजी से बढ़ी है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि यह पहल राज्य के औद्योगिकीकरण और आर्थिक परिवर्तन में मील का पत्थर साबित होगी।