ब्रेकिंग
Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा आदेश! अब बिना अनुमति सभा-जुलूस किया तो होगी कार्रवाईBihar News : 35 साल पुराने विस्फोट केस में बड़ा फैसला! पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 3 आरोपित बरीBihar News: अब नहीं बचेगा कोई अपराधी! बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को जारी किए सख्त निर्देशBihar Weather Today: पटना में उमस से लोग बेहाल, दरभंगा-मधुबनी समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्टभोजपुर एनकाउंटर मामला: भरत तिवारी की मां 9 जुलाई से करेंगी भूख हड़ताल, परिवार ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगेंBihar News : बांकीपुर उपचुनाव में बड़ा आदेश! अब बिना अनुमति सभा-जुलूस किया तो होगी कार्रवाईBihar News : 35 साल पुराने विस्फोट केस में बड़ा फैसला! पूर्व सांसद सूरजभान सिंह समेत 3 आरोपित बरीBihar News: अब नहीं बचेगा कोई अपराधी! बिहार पुलिस मुख्यालय ने सभी एसपी को जारी किए सख्त निर्देशBihar Weather Today: पटना में उमस से लोग बेहाल, दरभंगा-मधुबनी समेत कई जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्टभोजपुर एनकाउंटर मामला: भरत तिवारी की मां 9 जुलाई से करेंगी भूख हड़ताल, परिवार ने सरकार के सामने रखीं पांच मांगें

BIHAR NEWS: बिहार में जज ने दिखाई दरियादिली, कोर्ट में जाने से असमर्थ 90 साल के बुजुर्ग तक खुद पहुंचे, वहीं लगा दी आदालत

बिहार के जमुई जिले में 90 साल के जय नारायण सिंह की ट्रैक्टर लोन मामले की सुनवाई के लिए जज अविनाश कुमार सीधे उनकी कार तक पहुंचे और 35 मिनट तक सुनवाई पूरी की।

BIHAR NEWS: बिहार में जज ने दिखाई दरियादिली, कोर्ट में जाने से असमर्थ 90 साल के बुजुर्ग तक खुद पहुंचे, वहीं लगा दी आदालत
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

BIHAR NEWS: बिहार की न्यायपालिका ने बुजुर्गों के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण पेश किया है। जमुई जिले के 90 साल के जय नारायण सिंह के 15 साल पुराने ट्रैक्टर लोन धोखाधड़ी मामले की सुनवाई करने के लिए सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार खुद कोर्ट रूम से बाहर आए। बुजुर्ग शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण कोर्ट में नहीं आ सके, इसलिए जज ने सीधे उनकी कार तक जाकर करीब 35 मिनट तक सुनवाई पूरी की।


बुजुर्ग की हालत देखकर जज ने लिया यह कदम

जमुई निवासी जय नारायण सिंह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ थे। कोर्ट में पेश होने की स्थिति न होने के कारण न्यायाधीश ने संवेदनशीलता दिखाते हुए खुद सुबह 11 बजे अदालत से बाहर निकले और बुजुर्ग की कार तक गए। जज ने वहां खड़े होकर मामले की सुनवाई की और सभी पक्षों की बात सुनी।


फर्जी दस्तावेज के आधार पर लिया गया था ट्रैक्टर लोन

मामला 2011 का है। जय नारायण सिंह पर आरोप था कि उन्होंने यूको बैंक से फर्जी दस्तावेज जमा कर 4 से 5 लाख रुपये का ट्रैक्टर लोन लिया। जांच में पता चला कि लोन के लिए जो दस्तावेज जमा किए गए थे, वे असली नहीं थे। इसके बाद से यह मामला कोर्ट में लंबित था और बुजुर्ग आरोपी लगातार कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे थे।


कार के पास हुई सुनवाई

90 साल की उम्र और बीमारी के कारण आरोपी कोर्ट में पेश नहीं हो सके। इसलिए जज ने प्रोटोकॉल से हटकर सीधे कार के पास जाकर सुनवाई की। लगभग 35 मिनट तक जज ने कार के पास खड़े होकर सभी पक्षों की बातें सुनीं, आरोपी की असमर्थता की जांच की और मामले को निपटाने की प्रक्रिया शुरू की।


आरोपी ने स्वीकार किया दोष

सुनवाई के दौरान जय नारायण सिंह ने अपनी गलती मान ली। जज ने फैसला किया कि बैंक की राशि वापस जमा कराई जाए और आरोपी पर उचित जुर्माना लगाया जाए। इससे डेढ़ दशक पुराने विवाद का समाधान हो गया और बुजुर्ग को राहत मिली।


न्यायपालिका का संदेश

इस घटना ने दिखाया कि न्याय केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता को भी महत्व दिया जाता है। जज अविनाश कुमार की यह पहल बुजुर्ग के लिए राहत बन गई और पूरे राज्य में न्याय व्यवस्था की सकारात्मक छवि पेश की।