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जहरीली शराब से मौत मामले में 2 थानेदार और 1 दारोगा पर बड़ी कार्रवाई, 10 साल तक नहीं बन पाएंगे थानाध्यक्ष

DESK: पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित देउरवा समेत अन्य गावों में पिछले साल जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हुई थी। वही आधा दर्जन लोगों की आंख की रोशनी भी गायब हो गयी थी। इस

जहरीली शराब से मौत मामले में 2 थानेदार और 1 दारोगा पर बड़ी कार्रवाई, 10 साल तक नहीं बन पाएंगे थानाध्यक्ष
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

DESK: पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित देउरवा समेत अन्य गावों में पिछले साल जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हुई थी। वही आधा दर्जन लोगों की आंख की रोशनी भी गायब हो गयी थी। इस दौरान कई धंधेबाजों को जेल भी भेजा जा चुका है। जहरीली शराबकांड मामले में जिले के एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा ने दो थानेदार और एक दारोगा पर कार्रवाई की है। 


लौरिया के तत्कालीन थानेदार राजीव रजक, दारोगा कृष्ण प्रसाद एवं नौतन के तत्कालीन थानेदार मनीष शर्मा पर कार्रवाई की गयी है। इन तीनों के वेतन वृद्धि को दो साल के लिए रोक लगाया गया है। वही अगले दस साल तक ये तीनों किसी थाने के थानाध्यक्ष तक नहीं बन पाएंगे। इन्हे विभाग ने अयोग्य घोषित किया है।


गौरतलब है कि जुलाई 2021 में जहरीली शराब कांड हुआ था। इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज हुआ था। जिसके बाद तत्कालीन थानेदारों के खिलाफ उच्चस्तरीय जांच हुई थी। इसी मामले में यह कार्रवाई की गयी है। थानेदार को लाइन हाजिर किया गया था। वही नौतन में भी जहरीली शराब कांड मामले में केस दर्ज कराया गया था। केस दर्ज होने के बाद शराब के धंधेबाजों पर कार्रवाई की गयी थी। इसके साथ ही तत्कालीन थानेदार को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई की गयी। 


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