Bihar Crime News: पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत सिसवा मंगलपुर पंचायत स्थित गंडक नदी में एक मछुआरे की हत्या कर शव नदी में फेंक देने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर मृतक के पुत्र रामभरोस मुखिया ने श्रीनगर थाना में आवेदन देकर 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है। वहीं घटना के चार दिन बाद भी शव बरामद नहीं होने से परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।
प्राथमिकी के अनुसार, मंगलपुर रखई गांव निवासी चंद्रिका मुखिया 31 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे गांव के अन्य लोगों के साथ गंडक नदी में मछली पकड़ने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान श्रीनगर गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और शराब पकड़वाने का आरोप लगाते हुए उनके साथ गाली-गलौज व मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर लाठी-डंडों से हमला किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।
परिजनों का आरोप है कि शोर सुनकर जब वे मौके पर पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई। इसी बीच दो युवकों को अपने साथ ले जाया गया। बाद में मोबाइल पर सूचना मिली कि चंद्रिका मुखिया की हत्या कर उनका शव गंडक नदी में फेंक दिया गया है। इस मामले में श्रीनगर गांव के संतोष यादव, नरेश यादव, सब यादव, एमपी यादव, अमलेश यादव, शकुनी यादव, बृजेश यादव, सुनील यादव, मुकेश यादव, कीनू यादव और अखिलेश यादव के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है।
घटना के बाद से परिजन लगातार गंडक नदी में शव की तलाश कर रहे हैं, लेकिन चार दिन बीत जाने के बावजूद शव का कोई पता नहीं चल सका है। इससे परिवार में भय और आक्रोश का माहौल है। परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच, शव की बरामदगी और सभी आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
श्रीनगर थानाध्यक्ष अमित कुमार पाल ने बताया कि परिजनों के आवेदन के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। शव की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
बेतिया से संतोष कुमार की रिपोर्ट..





