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जेल में बंद कुख्यात कुंदन सिंह की मोबाइल से हुआ बड़ा खुलासा, 5 विधायकों से अक्सर हो रही थी बात

MUZAFFARPUR: शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा में बंद कुख्यात सजायाफ्ता कुंदन सिंह कई सफेदपोश के संपर्क में था। दरभंगा, समस्तीपुर और वैशाली के 5 विधायकों से भी वह जेल में रहकर

जेल में बंद कुख्यात कुंदन सिंह की मोबाइल से हुआ बड़ा खुलासा, 5 विधायकों से अक्सर हो रही थी बात
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

MUZAFFARPUR: शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा में बंद कुख्यात सजायाफ्ता कुंदन सिंह कई सफेदपोश के संपर्क में था। दरभंगा, समस्तीपुर और वैशाली के 5 विधायकों से भी वह जेल में रहकर बात करता था। 14 जून को जेल में छापेमारी के दौरान कुंदन सिंह के पास से मिले मोबाइल का कॉल डिटेल से इस बात का खुलासा हुआ है। 


सीडीआर रिपोर्ट में यह बात सामने आया है कि कुंदन सिंह अक्सर रात के 8 बजे लेकर 9 बजे के बीच मोबाइल ऑन होता था। इसके बाद वह देर रात तक लगातार कॉल पर व्यस्त रहता था। रोजाना वह 50 से अधिक लोगों को कॉल करता था। जिसमें कई सफेदपोश भी होते थे जिनसे वो घंटों बातें किया करता था। सीडीआर रिपोर्ट के अनुसार कुंदन सिंह के मोबाइल नंबर पर कॉल नहीं आती थी बल्कि जेल के अंदर से ही कुंदन सिंह अलग-अलग नंबरों से लोगों को कॉल किया करता था। 


कुछ मोबाइल नंबर ऐसे हैं जिस पर हर दिन कुंदन फोन किया करता था। पुलिस अब कॉल डिटेल के आधार पर उन संदिग्धों को चिन्हित करने में लगी है जो कुंदन सिंह का शूटर है। जेल में रहकर वह उनसे हत्या की वारदात को अंजाम दिलवाता था। 14 जून को जेल के आश्रम वार्ड में सहायक जेल अधीक्षक पंकज कुमार के नेतृत्व में तलाशी ली गई थी। इसमें समस्तीपुर के हसनपुर निवासी सजायाफ्ता कुंदन सिंह के पास से एक मोबाइल बरामद किया गया था। मोबाइल बरामद होने के बाद जेलर सुनील कुमार मौर्य ने एफआईआर दर्ज कराई थी।


एसएसपी जयंतकांत ने बताया कि कुंदन के पास से मिले मोबाइल में लगा सिम एक महिला के फर्जी नाम-पते पर लिया गया था। उसके मोबाइल की एक माह की सीडीआर ली गई। जिसमें दर्जनों मोबाइल नंबर मिले हैं जिस पर रात में बातचीत होती थी। बरामद मोबाइल में कई सफेदपोशों के नंबर भी सेव थे। जिस पर वह कॉल कर बातें किया करता था। उसके सभी कॉल और सेव नंबरों की पड़ताल की जा रही है। 


एसएसपी ने बताया कि सजायाफ्ता कुंदन सिंह के पास से मोबाइल मिलने के बाद जेल अधीक्षक बृजेश कुमार और सहायक जेल अधीक्षक पंकज कुमार की हत्या की साजिश रची गई थी। इसकी जानकारी होने के बाद जिला पुलिस की ओर से जेल के दोनों अधिकारियों की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। पुलिस के अनुसार समस्तीपुर के दो शूटर भी घटना को अंजाम देने के लिए मुजफ्फरपुर पहुंच गये थे।