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CBI जांच के नाम पर रिटायर्ड अधिकारी से 17 लाख की साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर बनाया शिकार

Bihar Cyber Crime: मुजफ्फरपुर में रिटायर्ड अधिकारी को सीबीआई जांच का डर दिखाकर साइबर ठगों ने 17 लाख रुपये ठग लिए। “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर धमकी देकर पैसे ट्रांसफर करवाए गए। मामले में तीन आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है.

Bihar Cyber Crime
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Cyber Crime: बिहार के मुजफ्फरपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक रिटायर बिजली विभाग अधिकारी को सीबीआई जांच का डर दिखाकर 17 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर उन्हें घर में ही नजरबंद जैसा माहौल बना दिया और लगातार धमकाते रहे।


सदर थाना क्षेत्र के खबड़ा गांव निवासी भोला प्रसाद बिजली विभाग से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि करीब तीन हफ्ते पहले उनके व्हाट्सएप पर अनजान अंतरराष्ट्रीय नंबर से वीडियो कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई का वरिष्ठ अधिकारी बताया और गंभीर आरोप लगाकर उन्हें डराना शुरू कर दिया।


ठगों ने कहा कि उनके खिलाफ विभागीय कार्यकाल के दौरान 17 लाख रुपये के गबन के सबूत मिले हैं और गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। उन्हें यह भी धमकाया गया कि वे डिजिटल अरेस्ट में हैं और अगर कैमरे से हटे तो पुलिस तुरंत उन्हें गिरफ्तार कर लेगी।


डर के माहौल में ठगों ने उन्हें एक बैंक खाते में 17 लाख रुपये ट्रांसफर करने को मजबूर किया और कहा कि ऐसा करने पर उन्हें गिरफ्तारी से राहत मिल सकती है। पीड़ित ने डर के कारण पैसे ट्रांसफर कर दिए। लेकिन जब ठगों ने और पैसों की मांग शुरू की, तब उन्हें शक हुआ। सवाल पूछने पर आरोपियों ने कॉल काट दी और नंबर बंद कर दिया। इसके बाद उन्हें समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।


शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके पास से कई राज्यों के बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह में मुजफ्फरपुर के साथ-साथ वैशाली जिले के लोग भी शामिल हैं।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता