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Bihar Crime News: मोतिहारी में STF और जिला पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय जाली करेंसी गिरोह के सरगना सुशील तिवारी उर्फ दया तिवारी को गिरफ्तार किया। आरोपी भारत-नेपाल-बांग्लादेश तक फैले नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

Bihar Crime News
फेक करेंसी नेटवर्क पर प्रहार
© Reporter
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Crime News: बिहार की मोतिहारी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाली करेंसी के कारोबार से जुड़े कुख्यात तस्कर सुशील तिवारी उर्फ दया तिवारी को एसटीएफ और हरैया थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मिलिट्री इंटेलिजेंस, लखनऊ से मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई। गिरफ्तारी भारत-नेपाल सीमा के पास से सर्विलांस और खुफिया इनपुट के जरिए संभव हो सकी।


बताया जा रहा है कि सुशील तिवारी जाली नोट तस्करी गिरोह का मुख्य सरगना है, जो भारत, नेपाल और बांग्लादेश तक फैले नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पिछले करीब पांच से छह महीनों से वह फरार चल रहा था और पुलिस के साथ-साथ अन्य एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी थीं। उसकी गिरफ्तारी को जाली नोट तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। 


इस मामले की जड़ें 31 जनवरी को हरैया थाना में दर्ज एक केस से जुड़ी हैं। उस समय पुलिस ने एक नेपाली नागरिक समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से करीब 25 लाख रुपये की नेपाली जाली मुद्रा और 18,500 रुपये की भारतीय जाली करेंसी बरामद की गई थी। इसके अलावा एक दर्जन मोबाइल फोन, पासपोर्ट, मोटरसाइकिल, जाली नोट बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायन और उपकरण भी जब्त किए गए थे। इस कार्रवाई के बाद से ही सुशील तिवारी फरार था।


गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सुशील तिवारी ने जाली नोट के कारोबार से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। उसने अपने नेटवर्क और अन्य सहयोगियों के बारे में भी जानकारी दी है, जिसके आधार पर जांच एजेंसियां अब आगे की कार्रवाई में जुट गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि उसकी निशानदेही पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की भी संभावना है।


मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि दया तिवारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस के साथ-साथ कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय एजेंसियां लगातार काम कर रही थीं। मिलिट्री इंटेलिजेंस और एसटीएफ के सहयोग से आखिरकार उसे पकड़ लिया गया। 


उन्होंने कहा कि आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा किया जा सके। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस गिरफ्तारी से जाली करेंसी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और गिरोह की कमर टूट गई है। अब उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा कई अन्य तस्करों की गिरफ्तारी भी संभव है।

रिपोर्ट- सोहराब आलम, पूर्वी चम्पारण 

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FIRST BIHAR

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