ब्रेकिंग
बिहार में समाज कल्याण विभाग का बड़ा फेरबदल, 151 सीडीपीओ का तबादलायमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस, 4 की मौत 27 घायल, कंडक्टर चला रहा था बसदिल्ली में 21.4 करोड़ का 15 KG सोना जब्त, थाईलैंड से आए पार्सल के साथ 4 गिरफ्तारपटना में ट्रैफिक को लेकर जरूरी अलर्ट: सड़क मरम्मत के कारण रात में बड़ा बदलाव, इन सड़कों पर यातायात रहेगा बंदसासाराम में फर्जी डिग्री वाले 13 शिक्षक बर्खास्त, वेतन वसूली का भी आदेशबिहार में समाज कल्याण विभाग का बड़ा फेरबदल, 151 सीडीपीओ का तबादलायमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा: ट्रेलर में घुसी वॉल्वो बस, 4 की मौत 27 घायल, कंडक्टर चला रहा था बसदिल्ली में 21.4 करोड़ का 15 KG सोना जब्त, थाईलैंड से आए पार्सल के साथ 4 गिरफ्तारपटना में ट्रैफिक को लेकर जरूरी अलर्ट: सड़क मरम्मत के कारण रात में बड़ा बदलाव, इन सड़कों पर यातायात रहेगा बंदसासाराम में फर्जी डिग्री वाले 13 शिक्षक बर्खास्त, वेतन वसूली का भी आदेश

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को उम्रकैद,1984 के सिख दंगों में बाप-बेटे को जिंदा जलाने के मामले में सुनाई गई सजा

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को 12 फरवरी को दोषी ठहराया गया था। 21 फरवरी को सजा पर फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था। इस वक्त वो दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं और उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

CRIME
सज्जन कुमार को उम्रकैद
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

Sajjan Kumar: दिल्ली में 1984 के सिख दंगों से जुड़े मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष जज कावेरी बावेजा की अदालत ने मंगलवार दोपहर दो बजे यह फैसला सुनाया। 


1984 के सिख विरोधी दंगे से जुड़े दिल्ली के सरस्वती विहार हिंसा मामले में उन्हें दोषी करार दिया गया था। कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि पीड़ित परिवार और दिल्ली पुलिस ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर की कैटेगरी में मानते हुए कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को फांसी की सजा दिये जाने की मांग की थी।


मामला दिल्ली के सरस्वती विहार में जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या से जुड़ा हुआ है। 1 नवंबर 1984 को दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में दो सिखों जसवंत सिंह और उनके बेटे तरूणदीप सिंह की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। उस वक्त सज्जन दिल्ली के सांसद थे। 


दिल्ली पुलिस की तरफ से कहा गया था कि 1984 में सिखों का कत्लेआम मानवता के खिलाफ अपराध है। एक समुदाय विशेष को इस हिंसा के दौरान टारगेट किया गया था। इस मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने हाल ही में सज्जन कुमार को दोषी ठहराया था। सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा दूसरी बार सुनाई गई है। दिल्ली कैंट मामले में उम्रकैद की सजा वो पहले ही काट रहे हैं।