ब्रेकिंग
Independence Day 2026 : 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से PM मोदी का तिरंगा, वंदे मातरम् के 150 साल ने बनाया दिन खास80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले में दिखेगा भव्य नजारा, PM मोदी 13वीं बार फहराएंगे तिरंगा; हेलिकॉप्टर से बरसेंगे फूल15 अगस्त पर नीतीश कुमार का वो रिकॉर्ड, जिसे आज तक कोई CM नहीं तोड़ सका! गांधी मैदान में 18 बार फहराया तिरंगाIndependence Day 2026: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सरकारी आवास पर फहराया तिरंगा, देखें ध्वजारोहण की तस्वीरेंBihar News : 15 अगस्त पर बिहार के 30 हजार परिवारों की बदलेगी जिंदगी! सरकार देगी जमीन का अधिकार, जानिए किसे मिलेगा लाभIndependence Day 2026 : 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से PM मोदी का तिरंगा, वंदे मातरम् के 150 साल ने बनाया दिन खास80वें स्वतंत्रता दिवस पर लालकिले में दिखेगा भव्य नजारा, PM मोदी 13वीं बार फहराएंगे तिरंगा; हेलिकॉप्टर से बरसेंगे फूल15 अगस्त पर नीतीश कुमार का वो रिकॉर्ड, जिसे आज तक कोई CM नहीं तोड़ सका! गांधी मैदान में 18 बार फहराया तिरंगाIndependence Day 2026: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने सरकारी आवास पर फहराया तिरंगा, देखें ध्वजारोहण की तस्वीरेंBihar News : 15 अगस्त पर बिहार के 30 हजार परिवारों की बदलेगी जिंदगी! सरकार देगी जमीन का अधिकार, जानिए किसे मिलेगा लाभ

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को उम्रकैद,1984 के सिख दंगों में बाप-बेटे को जिंदा जलाने के मामले में सुनाई गई सजा

कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को 12 फरवरी को दोषी ठहराया गया था। 21 फरवरी को सजा पर फैसला कोर्ट ने सुरक्षित रख लिया था। इस वक्त वो दंगों से जुड़े एक अन्य मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं और उम्रकैद की सजा काट रहे हैं।

CRIME
सज्जन कुमार को उम्रकैद
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

Sajjan Kumar: दिल्ली में 1984 के सिख दंगों से जुड़े मामले में कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष जज कावेरी बावेजा की अदालत ने मंगलवार दोपहर दो बजे यह फैसला सुनाया। 


1984 के सिख विरोधी दंगे से जुड़े दिल्ली के सरस्वती विहार हिंसा मामले में उन्हें दोषी करार दिया गया था। कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को मंगलवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि पीड़ित परिवार और दिल्ली पुलिस ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर की कैटेगरी में मानते हुए कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार को फांसी की सजा दिये जाने की मांग की थी।


मामला दिल्ली के सरस्वती विहार में जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या से जुड़ा हुआ है। 1 नवंबर 1984 को दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके में दो सिखों जसवंत सिंह और उनके बेटे तरूणदीप सिंह की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई थी। उस वक्त सज्जन दिल्ली के सांसद थे। 


दिल्ली पुलिस की तरफ से कहा गया था कि 1984 में सिखों का कत्लेआम मानवता के खिलाफ अपराध है। एक समुदाय विशेष को इस हिंसा के दौरान टारगेट किया गया था। इस मामले में दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट ने हाल ही में सज्जन कुमार को दोषी ठहराया था। सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा दूसरी बार सुनाई गई है। दिल्ली कैंट मामले में उम्रकैद की सजा वो पहले ही काट रहे हैं।