Bihar Crime News: बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी के लिए नए-नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। सेना, पुलिस और प्रेस लिखी गाड़ियों के बाद अब जमुई में निजी एंबुलेंस के जरिए शराब तस्करी का मामला सामने आया है। उत्पाद विभाग की टीम ने रविवार सुबह गिद्धौर प्रखंड के बानाडीह के पास घेराबंदी कर एक निजी एंबुलेंस से 460 केन बीयर, करीब 230 लीटर, बरामद की। मौके से दो अंतरजिला तस्करों को गिरफ्तार किया गया।
उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि सूचना मिली थी कि झारखंड सीमा से जमुई के रास्ते शराब की एक बड़ी खेप लखीसराय की ओर भेजी जा रही है। सूचना के आधार पर उत्पाद थाना प्रभारी गौरी शंकर कुमार के नेतृत्व में एसआई अश्विनी कुमार और सशस्त्र बलों की टीम ने गिद्धौर इलाके में वाहनों की जांच शुरू की।
जांच के दौरान टीम ने एक निजी एंबुलेंस को रुकने का इशारा किया। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी। संदेह होने पर उत्पाद विभाग की टीम ने पीछा किया और बानाडीह के पास एंबुलेंस को घेर लिया।
एंबुलेंस की तलाशी लेने पर शुरुआती तौर पर वह सामान्य दिखाई दी। इसके बाद गहन जांच में मरीजों को ले जाने वाले स्ट्रेचर/बेड के नीचे एक विशेष गुप्त बॉक्स बना मिला। बॉक्स खोलने पर उसमें बड़ी संख्या में बीयर के केन रखे हुए थे। गिनती करने पर कुल 460 केन यानी करीब 230 लीटर बीयर बरामद हुई।
एंबुलेंस में सवार दोनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लखीसराय जिले के पीरी बाजार थाना क्षेत्र के चौरा राजपुर निवासी सौरभ कुमार, पिता पप्पू सिंह, और रामायणपुर निवासी सत्यम कुमार, पिता बलराम शर्मा, के रूप में हुई है।
उत्पाद विभाग के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बीयर की खेप झारखंड के देवघर जिले के जसीडीह स्थित सत्संग मोड़ से लेकर चले थे। इसे लखीसराय के पिपरिया पहुंचाया जाना था। अब उत्पाद विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि एंबुलेंस का निबंधन किसके नाम पर है और इस तस्करी में वाहन मालिक की क्या भूमिका है।
उत्पाद विभाग अब इस बात की भी जांच कर रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन लोग हैं और गिरोह के तार झारखंड तथा लखीसराय में सक्रिय शराब तस्करों से जुड़े हैं या नहीं। अधिकारियों के अनुसार, बरामदगी और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर तस्करी के पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।





