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गया सेंट्रल जेल में बंद कैदी ने मोबाइल पर की बातचीत, वीडियो वायरल होने पर बोले SSP.. जांच के बाद होगी कार्रवाई

GAYA: गया सेंट्रल जेल में बंद कैदी के मोबाइल पर बातचीत करने का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे देखकर हर कोई हैरान है। वायरल वीडियो

गया सेंट्रल जेल में बंद कैदी ने मोबाइल पर की बातचीत, वीडियो वायरल होने पर बोले SSP.. जांच के बाद होगी कार्रवाई
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

GAYA: गया सेंट्रल जेल में बंद कैदी के मोबाइल पर बातचीत करने का वीडियो सामने आया है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। जिसे देखकर हर कोई हैरान है। वायरल वीडियो को देखने के बाद जिले के SSP आशीष भारती ने कहा कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।


बता दें कि गया सेंट्रल जेल से फोन कर धमकी देने का मामला आए दिन सामने आता है। लेकिन जब जेल में छापेमारी की जाती है तो एक मोबाइल तक बरामद नहीं हो पाता है। कही ना कही छापेमारी की भनक पहले ही बंदियों को लग जाती है  जिसके बाद वो मोबाइल को ठिकाना लगा देते हैं या फिर छिपा देते हैं। ऐसे में जेल में छापेमारी की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।


गया सेंट्रल जेल में मोबाइल से बात करते बंदी का वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दो बंदी मोबाइल से बात करते दिख रहे हैं। बड़ी बात यह है कि जहां जेल प्रशासन दावा करता है कि गया सेंट्रल जेल के अंदर सब कुछ ठीक ठाक है लेकिन मोबाइल से बात करते बंदियों का वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।


 वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि दो लोग मोबाइल पर बात करते हुए दिख रहे हैं, जिसमें एक बंदी ब्रश करते हुए मोबाइल से बात कर रहा है, तो उसके पीछे बंदी खड़ा होकर बात कर रहा है। मोबाइल से बात करते इन बंदियों का वीडियो जेल से वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स अमरजीत टाइगर बताया जाता है, जो कि फिलहाल गया सेंट्रल जेल के वार्ड में बंद है। 


गया सेन्ट्रल जेल से टिकारी एसडीएम सुजीत कुमार और पटना के व्यवसायी को धमकी मिल चुकी है। ऐसे में पहले से ही गया सेंट्रल जेल का प्रशासन कटघरे में है। बता दें कि गया सेंट्रल जेल के जेल अधीक्षक और जेलर राजेश कुमार सिंह को पूर्व में जिला प्रशासन ने आगाह किया कि गया सेंट्रल जेल काफी संवेदनशील जगह है। क्योंकि यहां कुख्यात अपराधी और नक्सली बंदी रहते है। इस तरह गया सेन्ट्रल जेल से मोबाइल के उपयोग की शिकायत पहले भी आई थी। 


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने गया जेल प्रशासन और जेलर को पहले ही इस बारे में चेताया है। गया जेल के जेलर राजेश कुमार सिंह को यहां से स्थानांतरण की बात मुख्यालय को लिखी जा चुकी है। मुख्यालय को लिखा गया है कि गया सेंट्रल जेल में जुलाई महीने से आए जेलर राजेश कुमार सिंह की भूमिका संदिग्ध है, जिसे लेकर उन्हें गया जेल से स्थानांतरित किया जाए। 


वहीं जेल अधीक्षक को भी चेताया गया है। इसी बीच गया सेंट्रल जेल में बंदियों का वीडियो वायरल होने पर एक बार फिर से जेल प्रशासन की कार्यशैली कटघरे में है। वहीं, जिला प्रशासन द्वारा भी मुख्यालय को पत्र लिखकर जेलर की भूमिका के संदिग्ध होने पर मुहर लगा चुकी है। इस संबंध में गया एसएसपी आशीष भारती ने बताया कि इस तरह की शिकायत पहले भी आई थी, जिसके बाद अपने स्तर से विभाग को पत्र भेजा जा चुका है। एक बार फिर से इस तरह का मामला सामने आया है। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

गया से नितम राम की रिपोर्ट