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पटना से दिल्ली तक जमीन..फ्लैट..मकान, धन कुबेर निकला बिहार का भ्रष्ट इंजीनियर पवन कुमार, EOU की छापेमारी में करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

EOU Raid Bihar: आर्थिक अपराध इकाई ने पटना, नोएडा, भागलपुर और दिल्ली समेत कई ठिकानों पर छापेमारी कर भवन निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंता पवन कुमार की आय से 103% अधिक संपत्ति का खुलासा किया। जांच में करोड़ों की संपत्ति और निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले है

EOU Raid Bihar
भ्रष्टाचार से बनाई अकूत संपत्ति
© Reporter
Mukesh Srivastava
3 मिनट

EOU Raid Bihar: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के तहत आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने बुधवार को भवन निर्माण विभाग के वरिष्ठ अभियंता पवन कुमार के कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की गई, जिसमें पटना, भागलपुर, नोएडा और नई दिल्ली समेत कुल छह स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।


EOU के अनुसार, पवन कुमार की सरकारी सेवा में 1997 में सहायक अभियंता के रूप में नियुक्ति हुई थी। जांच में प्रथम दृष्टया उनके ज्ञात आय से 103.94 प्रतिशत अधिक संपत्ति अर्जित करने के साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया।


विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से तलाशी वारंट मिलने के बाद 24 जून की देर शाम तक यह अभियान जारी रहा। छापेमारी में पटना के यमुना निवास अपार्टमेंट, भागलपुर स्थित आवास, नोएडा सेक्टर-75 के फ्लैट सहित अन्य ठिकानों पर जांच की गई। नई दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित एक ठिकाने की भी जांच की गई, हालांकि उसका सत्यापन पूरी तरह नहीं हो सका।


जांच में सामने आया कि पवन कुमार ने अपने सेवाकाल के दौरान कुल 13 प्लॉट, फ्लैट और मकान खरीदे। वर्ष 2007 में उन्होंने पत्नी के साथ संयुक्त रूप से पटना में फ्लैट खरीदा, जहां वे परिवार सहित रहते हैं। 2008 में आशियाना नगर, पटना में दो मंजिला मकान भी खरीदा गया।


वर्ष 2021 से 2023 के बीच पत्नी और पुत्रों के नाम पर 9 रजिस्टर्ड दस्तावेजों के माध्यम से लगभग 2 बीघा 4 कट्ठा व्यावसायिक भूमि की खरीद के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। इस भूमि का मूल्यांकन कराया जा रहा है।


नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी फ्लैट खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड मिले हैं। पटना स्थित आवास की तलाशी में 5.15 लाख रुपये नकद, आभूषण खरीद के इनवॉइस और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। बरामद आभूषणों का मूल्य लगभग 39 लाख रुपये आंका गया है। इसके अलावा विभिन्न बैंकों, PPF खातों और निवेश में लगभग 90 लाख रुपये जमा पाए गए, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया है।


जांच में बीमा पॉलिसियों, वाहन (Honda City), बच्चों की शिक्षा खर्च और विदेश यात्राओं से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं। EOU ने कहा है कि जांच अभी जारी है और आगे और संपत्तियों के खुलासे की संभावना है। EOU ने इस मामले की जानकारी भवन निर्माण विभाग को भी भेज दी है और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।

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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता