ब्रेकिंग
Bihar DElEd Result 2026: प्रथम और द्वितीय वर्ष का रिजल्ट जारी, 95% से अधिक अभ्यर्थी हुए पास✦ब्रजेश पाठक के ‘नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ’ वाले बयान पर भड़के सपा सांसद, कहा..रिक्शा चलाने का शौक आपको है, गिफ्ट कर दें क्या?✦अकूत संपत्ति के मालिक निकले ADM और महिला सब रजिस्ट्रार, पति-पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी में नोटों का ढेर..महंगी घड़ियों का कलेक्शन....✦बिहार में SH-91 पर दिनदहाड़े युवक का अपहरण, बाइक में मारी टक्कर और कार में बैठाया... विरोध करने पर फायरिंग✦पटना ADM और सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, आय से अधिक संपत्ति मामले में राजधानी से लेकर बेगूसराय तक छापेमारी✦Bihar DElEd Result 2026: प्रथम और द्वितीय वर्ष का रिजल्ट जारी, 95% से अधिक अभ्यर्थी हुए पास✦ब्रजेश पाठक के ‘नौकरी छोड़ ई-रिक्शा चलाओ’ वाले बयान पर भड़के सपा सांसद, कहा..रिक्शा चलाने का शौक आपको है, गिफ्ट कर दें क्या?✦अकूत संपत्ति के मालिक निकले ADM और महिला सब रजिस्ट्रार, पति-पत्नी के ठिकानों पर छापेमारी में नोटों का ढेर..महंगी घड़ियों का कलेक्शन....✦बिहार में SH-91 पर दिनदहाड़े युवक का अपहरण, बाइक में मारी टक्कर और कार में बैठाया... विरोध करने पर फायरिंग✦पटना ADM और सब रजिस्ट्रार के ठिकानों पर विजिलेंस रेड, आय से अधिक संपत्ति मामले में राजधानी से लेकर बेगूसराय तक छापेमारी

साइबर क्रिमिनल्स की बड़ी डिजिटल डकैती! बैंक के RTGS ट्रांजैक्शन सिस्टम को हैक कर उड़ा लिये 2.34 करोड़

Karnataka Cyber Crime: कर्नाटक से साइबर क्राइम की हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। साइबर क्रिमिनल्स ने किसी इंसान के साथ नहीं बल्कि बैंक में ही डिजिटल डकैती कर ली है।

Karnataka Cyber Crime
साइबर क्रिमिनल्स की करतूत
© google
Khushboo Gupta
Khushboo Gupta
2 मिनट

Karnataka Cyber Crime: अब तक आपने किसी व्यक्ति के साथ साइबर फ्रॉड की खबर देखी और सुनी होगी। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि साइबर क्रिमिनल्स ने एक बैंक के ट्रांजैक्शन सिस्टम को ही हैक कर लिया। दरअसल कर्नाटक के विजयनगर जिले में एक बड़ी डिजिटल डकैती का मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हैकर्स ने प्रतिष्ठित बल्लारी जिला सहकारी केंद्रीय (बीडीसीसी) बैंक से ₹2.34 करोड़ चुरा लिए हैं। ये बैंक विजयनगर और बल्लारी जिलों में संचालित होता है। फिल्मी स्टाइल में डिजिटल डकैती की घटना को अंजाम दिया गया है।


साइबर क्रिमिनल्स ने बैंक के आरटीजीएस/एनईएफटी ट्रांजैक्शन सिस्टम को निशाना बनाया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि 10 जनवरी 2025 को बीडीसीसी बैंक से आईडीबीआई बैंक में फंड के रेगुलर ट्रांसफर के दौरान, हैकर्स लेनदेन के लिए उत्पन्न XML फाइलों में अकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड को बदलने में कामयाब रहे, जबकि बेनिफीशियरी के नाम वही रहे। जिसके कारण फंड इच्छित बेनिफीशियरी के बजाय भारत के विभिन्न उत्तरी राज्यों में 25 अलग-अलग अकाउंट्स में जमा की गई।


डिजिटल डकैती का ये बड़ा मामला तब सामने आया जब बैंक की कई शाखाओं ने बताया कि 10 जनवरी का आरटीजीएस ट्रांस्फर अभी तक लोगों के अकाउंट्स में नहीं पहुंचा है। बैंक की जांच से पता चला कि इस लेनदेन के दौरान ₹5 लाख से अधिक की रकम निकाली गई थी। बैंक मैनेजमेंट ने तुरंत आरटीजीएस/एनईएफटी सेवाओं को सस्पेंड कर दिया और होसापेटे टाउन पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम के इस मामले को बल्लारी सीईएन पुलिस स्टेशन में ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस ने आईटी अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस फिलहाल इस डिजिटल डकैती के मामले की जांच कर रही है।

रिपोर्टिंग
K

रिपोर्टर

KHUSHBOO GUPTA

FirstBihar संवाददाता