ब्रेकिंग
सलमान खान बने मसीहा, बाढ़ पीड़ित बेघर परिवारों की मदद के लिए बढ़ाया हाथ; 500 नए घर बनवाने का किया ऐलान'दिलीप जायसवाल' भ्रष्टाचार खत्म करने का इलाज कर रहे या बढ़ाने का ? गजब का एंटिबायोटिक दिया- 30 जून को हटाया...20 जुलाई को आरोप पत्र गठित किया...6 अगस्त को फिर से पुराने अंचल में ही CO पद पर पोस्टिंग कर दी बिहार में अवैध खनन पर सरकार सख्त, 1000 खनन सिपाहियों की होगी भर्ती; खनिज वाहनों पर GPS अनिवार्यबिहार के इन जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा; बागमती खतरे के निशान से ऊपर, गंडक और बूढ़ी गंडक भी उफान परमिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में करोड़ों का खेल? पूर्व सचिव ने प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप, नियुक्तियों पर भी उठे सवालसलमान खान बने मसीहा, बाढ़ पीड़ित बेघर परिवारों की मदद के लिए बढ़ाया हाथ; 500 नए घर बनवाने का किया ऐलान'दिलीप जायसवाल' भ्रष्टाचार खत्म करने का इलाज कर रहे या बढ़ाने का ? गजब का एंटिबायोटिक दिया- 30 जून को हटाया...20 जुलाई को आरोप पत्र गठित किया...6 अगस्त को फिर से पुराने अंचल में ही CO पद पर पोस्टिंग कर दी बिहार में अवैध खनन पर सरकार सख्त, 1000 खनन सिपाहियों की होगी भर्ती; खनिज वाहनों पर GPS अनिवार्यबिहार के इन जिलों में बढ़ा बाढ़ का खतरा; बागमती खतरे के निशान से ऊपर, गंडक और बूढ़ी गंडक भी उफान परमिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में करोड़ों का खेल? पूर्व सचिव ने प्रिंसिपल पर लगाए गंभीर आरोप, नियुक्तियों पर भी उठे सवाल

सिविल सर्जन कार्यालय में वेतन घोटाला ! DM के आदेश पर हुई जांच, पकड़ी गयी क्लर्क की गड़बड़ी

NALANDA : नालंदा सिविल सर्जन कार्यालय में घोटाले की खबर है। गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने लगाया है। डीएम के निर्देश पर मामले की जांच की गयी है। कार

FirstBihar
Anurag Goel
2 मिनट

NALANDA : नालंदा सिविल सर्जन कार्यालय में घोटाले की खबर है। गंभीर वित्तीय अनियमितता का आरोप स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने लगाया है। डीएम के निर्देश पर मामले की जांच की गयी है। कार्रवाई को लेकर सिविल सर्जन कार्यालय में हड़कंप मच गया।


स्वास्थ्य कर्मचारी संघ द्वारा नालंदा के सिविल सर्जन कार्यालय के लिपिक और कर्मियों द्वारा वेतन निकासी समेत अन्य कार्यो के लिए नाजायज राशि और घोटाले की लिखित शिकायत पर डीएम ने एक्शन लिया है। डीएम  के निर्देश पर नालंदा के एडीएम मो. नौशाद अहमद आज जांच करने सिविल सर्जन कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने सभी फाइलों को घंटों खगला । इस दौरान उन्होंने एक क्लर्क की गड़बड़ी को पकड़ा।


क्लर्क की गड़बड़ी बड़े घोटाले की ओर संकेत कर रहा है ।  क्लर्क के द्वारा पूर्व में 3 लाख 92 हजार रुपए की निकासी कर ली गयी है। ऑडिट में पकड़े जाने से पहले उसने मिली भगत से 2 हजार रुपये प्रति माह के हिसाब से सेटलमेंट करने की जिक्र कर दिया है । मगर न तो उसका कोई आदेश है न ही सर्विस बुक न ही वेतन बुक में ही लिखा गया है । उन्होंने बताया कि पूरी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है । जांच टीम के आते ही सिविल सर्जन कार्यालय के कर्मियों में हड़कंप मच गया ।


टैग्स
रिपोर्टिंग
P

रिपोर्टर

Pranay Raj

FirstBihar संवाददाता