Bihar News: बिहार के नगर निकायों में करप्शन चरम पर पहुंच गया है. कार्यपालक पदाधिकारी और ठेकेदारों के बीच सांठगांठ से सरकारी राशि का वारा-न्यारा किया जा रहा है. सिवान में एक ऐसे ही मामले का खुलासा हुआ तो महिला कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ नगर विकास विभाग ने बड़ी कार्रवाई किया है.
ईओ कुमारी अर्चना और ठेकेदार का गठजोड़ बेनकाब
सिवान के जिलाधिकारी ने 26 नवंबर 2021 को कुमारी अर्चना (बि०न0 से०), तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत, मैरवा,वर्तमान पदस्थापन नगर पंचायत, गोरौल के खिलाफ नगर विकास विभाग के खिलाफ आरोप पत्र दिया था. महिला अधिकारी कुमारी अर्चना पर आरोप है कि नगर पंचायत, मैरवा में पदस्थापन के दौरान इन्होंने अभिषेक त्रिपाठी, प्रोपराइटर, ASM इंटरप्राइजेज, देवरिया, उत्तर प्रदेश की कम्पनी के साथ मिलकर धोखाधडी किया.
जिलाधिकारी ने भेजी थी रिपोर्ट
जिलाधिकारी की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी अर्चना ने वर्ष 2020 में मच्छर मारने के केमिकल की खरीद में एक सुनियोजित षडयंत्र करने, कंपनी को निविदा में सफल होने के प्रस्ताव को बिना उसके कागजातों की जांच किये एवं निविदा शर्तोंके विपरीत स्वीकृत करने, कोविड-19 में इस्तेमाल होने वाली KING FOG के स्थान पर KINS FOG केमिकल का खरीद कर ASM इंटरप्राइजेज को अधिक राशि का भुगतान किया है. साथ ही नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 75 (छः) का अनुपालन नहीं किया.
सिवान के जिलाधिकारी की रिपोर्ट के बाद नगर विकास विभाग ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही के संचालन का निर्णय लिया. उप सचिव-सह-संचालन पदाधिकारी ने 09.06.2023 को अर्चना के विरूद्ध संचालित अनुशासनिक कार्यवाही का जांच प्रतिवेदन समर्पित किया.जिसमें कार्यपालक पदाधिकारी कुमारी अर्चना के विरूद्ध लगाए गए सभी आरोपों को प्रमाणित नहीं पाया गया।
इसके बाद नगर विकास विभाग ने कुमारी अर्चना से संचालन पदाधिकारी द्वारा दिए गए जांच प्रतिवेदन में असहमति के बिन्दु पर जवाब मांगा गया. आरोपी अधिकारी द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर से समीक्षा की गई। समीक्षा में कुमारी अर्चना द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन को अस्वीकृत करते हुए बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत इन आरोपों के लिए 05 (पांच) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है.





