ब्रेकिंग
जियो मार्ट, फ्लिपकार्ट और बिग बास्केट के गोदाम में सरकारी छापेमारी में भारी गड़बड़ी पक़ड़ी गई, कबूतर के बीट के बीच रखा था खाने-पीने का सामान, लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी✦चारा घोटाला केस में 25 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, CBI ने लखनऊ रेलवे स्टेशन से दबोचा✦सीवान पटाखा ब्लास्ट मामले में बड़ा एक्शन, जामो बाजार थानाध्यक्ष और चौकीदार सस्पेंड; तीन मौत की पुष्टि✦मजाक नहीं तो और क्या है...? रिश्वत नहीं लेने की फिर से शपथ लेंगे बिहार के अफसर-कर्मी, मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश✦बिहार में बड़ा हादसा: पटाखा बनाने के दौरान ब्लास्ट, पति-पत्नी और बेटी समेत चार लोगों की मौत; बढ़ सकता है आंकड़ा✦जियो मार्ट, फ्लिपकार्ट और बिग बास्केट के गोदाम में सरकारी छापेमारी में भारी गड़बड़ी पक़ड़ी गई, कबूतर के बीट के बीच रखा था खाने-पीने का सामान, लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी✦चारा घोटाला केस में 25 साल से फरार आरोपी गिरफ्तार, CBI ने लखनऊ रेलवे स्टेशन से दबोचा✦सीवान पटाखा ब्लास्ट मामले में बड़ा एक्शन, जामो बाजार थानाध्यक्ष और चौकीदार सस्पेंड; तीन मौत की पुष्टि✦मजाक नहीं तो और क्या है...? रिश्वत नहीं लेने की फिर से शपथ लेंगे बिहार के अफसर-कर्मी, मुख्य सचिव ने जारी किया आदेश✦बिहार में बड़ा हादसा: पटाखा बनाने के दौरान ब्लास्ट, पति-पत्नी और बेटी समेत चार लोगों की मौत; बढ़ सकता है आंकड़ा

बिहार: धोखाधड़ी के मामले में DTO अरेस्ट, बालू का ठेका दिलाने के नाम पर लिए थे लाखों रुपए

LAKHISARAI: खबर लखीसराय से आ रही है, जहां धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। कैमूर पुलिस ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में लखीसराय के डीटीओ मो. जियाउल्ला

बिहार: धोखाधड़ी के मामले में DTO अरेस्ट, बालू का ठेका दिलाने के नाम पर लिए थे लाखों रुपए
Mukesh Srivastava
2 मिनट

LAKHISARAI: खबर लखीसराय से आ रही है, जहां धोखाधड़ी के एक मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। कैमूर पुलिस ने लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के आरोप में लखीसराय के डीटीओ मो. जियाउल्लाह को उनके नया बाजार स्थित घर से अरेस्ट कर लिया है। डीटीओ की गिरफ्तारी के खबर से प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मच गया है।


दरअसल, लखीसराय के डीटीओ जियाउल्लाह के खिलाफ पटना स्थित निगरानी कोर्ट में मामला चल रहा है। बीते 8 नवंबर को निगरानी कोर्ट ने डीटीओ की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। जमानत याचिका खारिज होने के बाद कैमूर एसडीपीओ शिवशंकर कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम लखी सराय पहुंची और आरोपी डीटीओ को उनके घर के गिरफ्तार कर अपने साथ कैमूर ले गई।


कैमूर के तत्कालीन डीटीओ जियाउल्लाह पर आरोप है कि उन्होंने शंहशाह खान नाम के एक शख्स से बालू का ठेका दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लिए थे। डीटीओ ने अपने चचेरे भाई के खाते में 40 लाख रुपये और अपने अंगरक्षक शमशेर के खाते में 80 हजार रुपये ट्रांसफर कराए थे। मामला आर्थिक अपराध इकाई में पहुंचा और जब ईओयू ने जांच की तो आरोप को सही पाया।


इसके बाद पुलिस ने डीटीओ जियाउल्लाह, उसके चचेरे भाई और बॉडीगार्ड के खिलाफ भभुआ थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। आरोपी डीटीओ ने निगरानी की विशेष कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। जमानत याचिका खारिज होने के बाद पुलिस ने आरोपी डीटीओ को अरेस्ट कर लिया।