Bihar Crime News: बेगूसराय में रविवार की शाम गोली लगने से दो युवक घायल हो गए। घटना नगर थाना क्षेत्र के खातोंपुर स्थित एनएच-31 की बताई जा रही है। दोनों घायलों को इलाज के लिए शहर के कल्पना नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है। शुरुआती तौर पर मामला छिनतई के दौरान गोली मारने का बताया गया, लेकिन दोनों घायलों के अलग-अलग और बदलते बयानों ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
घायल युवकों की पहचान नगर थाना क्षेत्र के विष्णुपुर निवासी पिंकेश्वर साह के करीब 25 वर्षीय पुत्र आयुष कुमार और रंजीत कुमार के करीब 28 वर्षीय पुत्र पीयूष कुमार के रूप में हुई है। दोनों आपस में दोस्त बताए जा रहे हैं।
घायल पीयूष कुमार ने बताया कि उसका सोने-चांदी का कारोबार है। रविवार की शाम दुकान बंद करने के बाद वह अपने दोस्त आयुष कुमार के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान खातोंपुर के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और उनके पास रखे करीब छह हजार रुपये छीन लिए। विरोध करने पर बदमाशों ने गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। वहीं, घायल आयुष कुमार गोली लगने की घटना के संबंध में स्पष्ट रूप से कुछ भी बताने से बचते नजर आए। दोनों युवकों के बयानों में एकरूपता नहीं होने और बार-बार बयान बदलने से पुलिस भी पूरे मामले को लेकर सतर्क है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और छानबीन की। लेकिन जिस जगह पर गोली मारने की बात बताई जा रही है, वहां स्थानीय लोगों ने गोली चलने या किसी व्यक्ति को गोली लगने की घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। ऐसे में छिनतई और गोलीबारी की बताई जा रही कहानी पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस मामले में सदर डीएसपी प्रशांत कुमार ने बताया कि रविवार की शाम करीब 7:30 बजे गोली लगने की बात सामने आई है, जबकि दोनों युवक रात करीब 10 बजे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे। खास बात यह है कि गोली लगने की सूचना न तो तत्काल पुलिस को दी गई और न ही परिजनों को इसकी जानकारी दी गई थी। दोनों युवक अस्पताल में भर्ती हुए, तब पुलिस को घटना की जानकारी मिली।
डीएसपी ने बताया कि पुलिस जब घायलों का फर्द बयान लेने कल्पना नर्सिंग होम पहुंची तो वहां घायलों के साथ कोई अटेंडेंट या परिजन मौजूद नहीं थे। नगर थानाध्यक्ष सतीश कुमार हिमांशु के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दोनों घायलों का फर्द बयान लिया है। बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सदर डीएसपी प्रशांत कुमार ने कहा कि अभी इस मामले में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। दोनों युवकों को गोली लगी है, लेकिन गोली किस परिस्थिति में और कैसे लगी, इस संबंध में वे स्पष्ट जानकारी नहीं दे रहे हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। साथ ही स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि आयुष कुमार के बाएं हाथ की हथेली में गोली लगी है, जबकि पीयूष कुमार के बाएं हाथ के बाजू में गोली लगी है।
फिलहाल पुलिस के सामने कई सवाल हैं। यदि छिनतई के दौरान बदमाशों ने गोली मारी तो तत्काल पुलिस या परिजनों को सूचना क्यों नहीं दी गई? घटना के करीब ढाई घंटे बाद दोनों युवक अस्पताल क्यों पहुंचे? घटनास्थल पर स्थानीय लोगों को गोली चलने की जानकारी क्यों नहीं मिली? और सबसे अहम, दोनों घायल युवक घटना के संबंध में अलग-अलग बयान क्यों दे रहे हैं?





