Bihar Crime News: बिहार के औरंगाबाद में नाबालिग लड़की से जबरन शादी करने के मामले में स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी गुंजन कुमार को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर विभिन्न धाराओं के तहत कुल 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया।
विशेष पॉक्सो कोर्ट ने 6 जुलाई को अंतिम सुनवाई के दौरान आरोपी को दोषी करार दिया था और फैसला सुरक्षित रख लिया था। फैसला सुनाते हुए अदालत ने नाबालिग लड़कियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।
मामले के अनुसार, 28 जून 2025 को पीड़िता अल्ट्रासाउंड कराने के लिए रफीगंज गई थी। इसी दौरान आरोपी गुंजन कुमार उसे बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। अगले दिन वह उसे हसपुरा प्रखंड स्थित प्रसिद्ध देवकुंड मंदिर ले गया, जहां उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन मांग में सिंदूर भरकर शादी कर ली। इसके बाद आरोपी उसे अपने साथ रखने लगा।
इसी बीच पीड़िता ने अपने पिता को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन थाने पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के घर से नाबालिग को बरामद कर लिया।
अदालत में दर्ज बयान में पीड़िता ने बताया कि उसकी इच्छा के विरुद्ध जबरन शादी कराई गई थी। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपों को सही पाया और आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। सुनवाई के दौरान सभी गवाहों के बयानों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।
स्पेशल पीपी ने बताया कि अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके अलावा बीएनएस की धारा 87 के तहत 7 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी दी गई है। अदालत ने निर्देश दिया कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।




