ब्रेकिंग
केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार का बेटा गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत गंभीर आरोपधनकुबेर निकला बिहार का इंजीनियर गोपाल कुमार, EOU की रेड में करोड़ों की संपत्ति और निवेश का खुलासापूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: बिहार के एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, कंटेनर में घुसी तेज रफ्तार कारचांदी के आयात पर नई पाबंदियां लागू, सरकार ने फ्री लिस्ट से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाला; विदेशी मुद्रा भंडार बचाने पर फोकस‘सम्राट कैबिनेट में केवल परिवारवादी और क्रिमिनल’, बिहार सरकार पर फिर बरसे तेजस्वी यादवकेंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार का बेटा गिरफ्तार, POCSO एक्ट के तहत गंभीर आरोपधनकुबेर निकला बिहार का इंजीनियर गोपाल कुमार, EOU की रेड में करोड़ों की संपत्ति और निवेश का खुलासापूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण हादसा: बिहार के एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत, कंटेनर में घुसी तेज रफ्तार कारचांदी के आयात पर नई पाबंदियां लागू, सरकार ने फ्री लिस्ट से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाला; विदेशी मुद्रा भंडार बचाने पर फोकस‘सम्राट कैबिनेट में केवल परिवारवादी और क्रिमिनल’, बिहार सरकार पर फिर बरसे तेजस्वी यादव

2006 में घूस लेते पकड़े गये कृषि विभाग के प्रशाखा पदाधिकारी दोषी करार, निगरानी की विशेष कोर्ट ने सुनाई सजा

कृषि विभाग के प्रशाखा पदाधिकारी को विजिलेंस की टीम ने 14 NOV. 2006 को घूस लेते गिरफ्तार किया था आज सजा सुनाई गयी। मामला 60 हजार रूपये घूस मांगने से जुड़ा हुआ है।

BIHAR POLICE
कोर्ट ने सुनाई सजा
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

patna crime news: 14 NOV. 2006 को कृषि विभाग के प्रशाखा पदाधिकारी राजनंदन कुमार श्यामला निगरानी के हत्थे चढ़े थे। विजिलेंस की टीम ने पीड़ित की शिकायत पर घूस लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा था। आज उन्हें निगरानी कोर्ट की विशेष कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। 


विशेष न्यायाधीश (निगरानी),पटना ने राजनंदन कुमार श्यामला, प्रशाखा पदाधिकारी (कृषि विभाग), न्यू सचिवालय, पटना को निगरानी थाना कांड संख्या 78/06 (विशेष मामला संख्या 65/06) में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 / 13 (2) सहपठित धारा 13 (1) (d) के तहत दोषी ठहराया। 


राजनंदन कुमार श्यामला को धारा 7 के तहत 6 महीने की कारावास और 5,000 (पाँच हजार रुपये) के जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा, उन्हें धारा 13 (2) सहपठित धारा 13 (1) (d) के तहत दो साल के कठोर कारावास और 5,000 (पाँच हजार रुपये) के जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएँ साथ-साथ चलेंगी। 


मामला राजनंदन कुमार श्यामला द्वारा शिकायतकर्ता विनोद कुमार सर्राफ से उनके उर्वरक लाइसेंस नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया के लिए 60,000 (साठ हजार रुपये) घूस मांगने से जुड़ा है। आरोपी को 14 नवंबर, 2006 को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा ट्रैप ऑपरेशन के दौरान रंगे हाथों पकड़ा गया था। 


इस मामले की अनुसंधान पुलिस निरीक्षक शशि भूषण पांडे द्वारा की गई, जिन्होंने सटीक और समय पर चार्जशीट दायर करवाई। बिहार सरकार की ओर से विशेष लोक अभियोजक किशोर कुमार सिंह ने प्रभावी तरीके से पैरवी की और आरोपी को दोषी सिद्ध कराने में सफलता प्राप्त की। 

संबंधित खबरें