ब्रेकिंग
दिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाददिलीप जायसवाल की कुर्सी पर निशांत कुमार ने कर लिया कब्जा: शपथ ग्रहण में दिखा दिलचस्प नज़ाराहलवाई की संदिग्ध मौत से सनसनी, परिजनों ने हत्या की जताई आशंका; थाना के सामने शव रखकर किया बवाल1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: गांधी मैदान में 32 मंत्रियों ने ली शपथ, पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम NDA नेता मौजूदसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वाद

UPSC Topper Shakti Dubey: कौन हैं शक्ति दुबे? जिन्होंने UPSC परीक्षा में किया है टॉप, जानिए.. सबकुछ

UPSC Topper Shakti Dubey: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने आज मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित किया, जिसमें शक्ति दुबे पहला स्थान ग्रहण किया है. कौन है शक्ति दुबे? जानें...

UPSC Topper Shakti Dube
शक्ति दुबे की सफलता की कहानी
© GOOGLE
Viveka Nand
4 मिनट

UPSC Topper Shakti Dubey: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने आज मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित किया, जिसमें शक्ति दुबे पहला स्थान ग्रहण किया है और बाद हर्षिता गोयल दूसरे स्थान पर रहीं है। प्रयागराज की शक्ति दुबे ने अपनी मेहनत और समर्पण से सिविल सेवा परीक्षा 2024 में पहला स्थान प्राप्त किया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने मंगलवार को सिविल सेवा परीक्षा 2024 का परिणाम घोषित किया। शक्ति के बाद हर्षिता गोयल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि तीसरे स्थान पर विक्रांत कुमार रहे।


शक्ति दुबे की शिक्षा और UPSC यात्रा

शक्ति दुबे का जन्म उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा और ग्रेजुएशन की पढ़ाई प्रयागराज में ही की। ग्रेजुएशन के लिए उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (University of Allahabad) का चयन किया, और फिर उच्च शिक्षा के लिए काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में दाखिला लिया। BHU से उन्होंने बायोकेमिस्ट्री (जैव रसायन) में पोस्ट-ग्रेजुएशन 2016 में पूरा किया।


पोस्ट-ग्रेजुएशन के बाद शक्ति ने ठान लिया था कि वह सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करेंगी। 2018 से उन्होंने यूपीएससी की कठिन यात्रा शुरू की और लगातार तीन सालों तक कड़ी मेहनत के बाद इस सफलता को हासिल किया। उन्होंने राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था।


शक्ति ने एक इंटरव्यू में कहा था कि "UPSC सिर्फ एक करियर विकल्प नहीं है, बल्कि यह देश की सेवा करने का एक महत्वपूर्ण जरिया है।" उनकी यह सोच और समर्पण ही उन्हें इस मुकाम तक ले आया।


प्रयागराज की पहचान पर शक्ति का गर्व

एक विशेष इंटरव्यू में जब शक्ति से पूछा गया कि जैसे अयोध्या को राम के लिए और काशी को शिव के लिए देखा जाता है, वैसे ही प्रयागराज को किस पहचान से देखा जाना चाहिए, तो उन्होंने गर्व से उत्तर दिया, "प्रयागराज की पहचान त्रिवेणी संगम से है, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती मिलती हैं। यह धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से एक अत्यंत पवित्र स्थल है।"


UPSC की परीक्षा और परिणाम

सिविल सेवा (प्री) परीक्षा 2024, पिछले साल 16 जून को आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 9,92,599 प्रत्याशियों ने आवेदन किया था। इनमें से 5,83,213 प्रत्याशी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा के बाद, 14,627 प्रत्याशी मुख्य परीक्षा के लिए चयनित हुए, जो कि सितंबर 2024 में आयोजित की गई। इसके बाद, 2,845 उम्मीदवारों को व्यक्तित्व परीक्षण (इंटरव्यू) के लिए बुलाया गया।


आखिरकार, यूपीएससी ने 1,009 उम्मीदवारों को विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए अनुशंसित किया। इस सूची में खास बात यह है कि टॉप 5 में 3 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं, जो महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत साबित हो रहा है।


संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के द्वारा चयनित उम्मीदवारों के विवरण

यूपीएससी के द्वारा घोषित परिणाम में महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहद सराहनीय रहा। कुल 1,009 चयनित उम्मीदवारों में से 284 महिलाएं हैं, जो कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और सफलता को दर्शाता है।


समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक कदम

शक्ति दुबे की सफलता न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष की कहानी है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा है। इसने यह साबित किया है कि कठिन परिश्रम, सही दिशा और मजबूत इच्छाशक्ति के साथ कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। शक्ति की सफलता से यह भी संदेश मिलता है कि शिक्षा, मेहनत और आत्मविश्वास से किसी भी कठिनाई को पार किया जा सकता है।

संबंधित खबरें