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Success Story: दो बार मिली असफलता फिर भी हार नहीं मानी, तीसरे प्रयास में UPSC में हासिल की 6th रैंक; जानिए... कोमल पुनिया की सफलता की कहानी

Success Story: कोमल पुनिया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में अखिल भारतीय रैंक 6 हासिल की है। IIT रुड़की से स्नातक कोमल ने तीसरे प्रयास में यह उपलब्धि पाई और युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

Success Story
सफलता की कहानी
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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Success Story: जब कठिन परिश्रम और लगन से किसी लक्ष्य को पाने की कोशिश की जाए, तो सफलता निश्चित ही मिलती है। यह बात कोमल पुनिया ने पूरी तरह साबित कर दी है। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली कोमल पुनिया ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) 6 हासिल कर एक बार फिर अपनी काबिलियत का परचम लहराया है।


यह उपलब्धि उन्होंने अपने तीसरे प्रयास में हासिल की है, जो उनके दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास का नतीजा है। यूपीएससी परिणाम 22 अप्रैल 2024 को घोषित हुए, जिसमें कुल 1009 उम्मीदवारों का चयन हुआ। कोमल ने आईआईटी रुड़की से बी.टेक की पढ़ाई पूरी की है, जो उनकी वैज्ञानिक पृष्ठभूमि को दर्शाता है।


कोमल की सफलता की कहानी इसलिए भी प्रेरणादायक है क्योंकि उन्होंने पहले प्रयास में ही यूपीएससी 2023 में आईपीएस अधिकारी के रूप में चयन प्राप्त किया था, जहां उनकी रैंक 474 थी। इसके बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और आईएएस अधिकारी बनने के लिए कड़ी मेहनत जारी रखी। उनकी योजना, अनुशासन, और समर्पण ने उन्हें उच्च रैंक तक पहुंचाया।


कोमल पुनिया ने अपने संघर्ष के दौरान कहा, “हर असफलता ने मुझे और मजबूत बनाया। यूपीएससी की तैयारी के दौरान समय प्रबंधन, फोकस और आत्मविश्वास ही मेरे सबसे बड़े सहारे रहे।” उन्होंने बताया कि परिवार और दोस्तों का समर्थन भी उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाता रहा।


उनकी सफलता केवल एक परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन नहीं, बल्कि उनकी लचीलेपन, धैर्य, और सामाजिक प्रतिबद्धता की मिसाल है। कोमल का मानना है कि सिविल सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति सेवा करने का अवसर है। उन्होंने इस मार्ग पर चलते हुए हमेशा समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान को प्राथमिकता दी है।


कोमल पुनिया की कहानी भारत के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिनाइयों के बावजूद अपने सपनों को पाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। यह साबित करती है कि सही दिशा में मेहनत, समर्पण और निरंतरता से किसी भी मुश्किल लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।


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