IAS LOVE STORY: ट्रेनिंग के दौरान पनपा प्यार, मसूरी में हुई पहली मुलाकात, अब दोनों संभाल रहे दो जिलों की कमान… जानिए पूरी कहानी

IAS ट्रेनिंग में हुई पहली मुलाकात ने दोस्ती को प्यार में बदला और अब यह जोड़ी हिमाचल प्रदेश के दो जिलों की कमान संभाल रही है। हमीरपुर में पत्नी और कुल्लू में पति, जानिए कैसे मसूरी अकादमी की ट्रेनिंग ने बनाई यह प्रशासनिक जोड़ी खास।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 25 Feb 2026 12:45:06 PM IST

IAS LOVE STORY: ट्रेनिंग के दौरान पनपा प्यार, मसूरी में हुई पहली मुलाकात, अब दोनों संभाल रहे दो जिलों की कमान… जानिए पूरी कहानी

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IAS LOVE STORY: हिमाचल प्रदेश में एक आईएएस दंपती इन दिनों चर्चा में हैं। और यह चर्चा इसलिए है क्योंकि पत्नी गंधर्वा राठौर हमीरपुर की उपायुक्त हैं और उनके पति अनुराग चंद्र शर्मा कुल्लू के उपायुक्त बन चुके हैं। दोनों 2016 बैच के अधिकारी हैं और उनकी मुलाकात मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में हुई थी। इस मुलाकात ने दोस्ती और फिर प्यार का रूप लिया और 31 अक्टूबर 2017 को दोनों ने शादी के बंधन में बंध गए।


प्यार और करियर का संगम

गंधर्वा राठौर राजस्थान के जयपुर की रहने वाली हैं। उन्हें शादी के बाद पश्चिम बंगाल कैडर मिला था, लेकिन उन्होंने अपने पति के साथ रहने और हिमाचल प्रदेश में सेवा देने के लिए अंतर-कैडर ट्रांसफर लिया। यही फैसला उनकी जिंदगी और करियर की दिशा बदलने वाला साबित हुआ। उनके पति अनुराग चंद्र शर्मा पहले भी कुल्लू में एसडीएम रह चुके हैं और वहां की भौगोलिक और प्रशासनिक परिस्थितियों को अच्छी तरह जानते हैं।


दो जिलों की जिम्मेदारी

अब यह दंपती हिमाचल प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में अहम भूमिका निभा रहे हैं। गंधर्वा राठौर हमीरपुर जिले में अपनी कुशल कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। उनके पति अनुराग चंद्र शर्मा कुल्लू जिले में कार्यभार संभाल चुके हैं। इस दंपती की जोड़ी केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों में ही नहीं बल्कि उनके प्यार और समझदारी में भी मिसाल बन चुकी है।


मसूरी अकादमी से जीवनसाथी तक

दोनों की मुलाकात मसूरी राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान हुई थी। शुरुआती दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। अकादमी में बिताया समय और एक-दूसरे के प्रति सम्मान ने उनकी जोड़ी को मजबूत किया। शादी के बाद दोनों ने अपने-अपने करियर में भी एक-दूसरे का समर्थन किया। गंधर्वा ने पश्चिम बंगाल कैडर छोड़ हिमाचल प्रदेश में सेवा दी और अनुराग शर्मा हिमाचल में ही अपने अनुभव का इस्तेमाल कर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं।


अनुभव और मेहनत का मेल

अनुराग चंद्र शर्मा पहले भी कुल्लू में एसडीएम रह चुके हैं। उनके अनुभव और क्षेत्र की समझ उन्हें अपने काम में मदद कर रही है। वहीं गंधर्वा राठौर हमीरपुर में प्रशासनिक कामकाज और जिले की जनता के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। इस दंपती की मेहनत और लगन हिमाचल प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद कर रही है।


प्रशासनिक दंपती की मिसाल

डीसी आनंद शर्मा और गंधर्वा राठौर से पहले भी हिमाचल प्रदेश में एक आईपीएस दंपती चर्चा में रहे हैं। आईपीएस अधिकारी साक्षी वर्मा और गोकुल चंद्र कार्तिकेयन मंडी और कुल्लू जिलों में एसपी रह चुके हैं। ऐसे उदाहरण दिखाते हैं कि प्रशासनिक दंपती की जोड़ी सिर्फ काम में ही नहीं बल्कि संगठन और जनता के लिए प्रेरणा बनती है।


प्यार और सफलता का संदेश

गंधर्वा और अनुराग की जोड़ी यह दिखाती है कि प्यार और करियर साथ-साथ चल सकते हैं। दोनों ने अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए प्रशासनिक काम में एक-दूसरे का सहारा लिया और अपने-अपने जिलों में सेवा दी। यह कहानी केवल प्रशासनिक सफलता की नहीं बल्कि प्यार, समझदारी और मेहनत की भी मिसाल है।