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Success Story: कौन हैं डॉक्टर से IAS बनीं अर्तिका शुक्ला? जिन्होंने बिना कोचिंग UPSC में लाया 4th रैंक; जानें... सफलता की कहानी

Success Story: हर साल लाखों युवा संघ लोक सेवा आयोग यानि UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से केवल कुछ ही उम्मीदवार ऐसे होते हैं जो अपने पहले प्रयास में सफलता की ऊंचाइयों को छूते हैं। ऐसे ही एक प्रेरणास्पद नाम हैं IAS अर्तिक

Success Story
सफलता की कहानी
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PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

Success Story: हर साल लाखों युवा संघ लोक सेवा आयोग यानि UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से केवल कुछ ही उम्मीदवार ऐसे होते हैं जो अपने पहले प्रयास में सफलता की ऊंचाइयों को छूते हैं। ऐसे ही एक प्रेरणास्पद नाम हैं IAS अर्तिका शुक्ला, जिन्होंने बिना किसी कोचिंग के, सिर्फ स्वाध्याय और अनुशासन के बलबूते, पहली ही बार में UPSC पास कर दिखाया और IAS बनने का सपना साकार किया।


Artika Shukla का जन्म 5 सितंबर 1990 को वाराणसी के गांधीनगर में हुआ था। उनके पिता, डॉ. बृजेश शुक्ला, एक प्रतिष्ठित डॉक्टर हैं और वे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सचिव भी रह चुके हैं। अर्तिका की प्रारंभिक शिक्षा वाराणसी के सेंट जॉन्स स्कूल में हुई, जहाँ वे पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहीं। शिक्षा के प्रति उनके इस समर्पण ने ही आगे चलकर उन्हें यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता दिलाने की नींव रखी।


अर्तिका शुक्ला ने साल 2013 में मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, नई दिल्ली से MBBS की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने PGIMER, चंडीगढ़ से पीडियाट्रिक्स (बाल रोग) में एमडी की पढ़ाई शुरू की। लेकिन इसी दौरान उनके जीवन में एक अहम मोड़ आया, जिसने उनकी दिशा ही बदल दी। उन्होंने डॉक्टर बनने के बावजूद मेडिकल करियर छोड़ने का साहसिक फैसला किया और देश सेवा की भावना से IAS बनने का सपना देखा।


अर्तिका शुक्ला को IAS बनने की प्रेरणा अपने बड़े भाई गौरव शुक्ला से मिली, जिन्होंने साल 2012 में UPSC पास कर IAS अधिकारी बने थे। भाई की इस सफलता ने अर्तिका को गहराई से प्रभावित किया और 2014 के मध्य में उन्होंने एमडी की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। इसके बाद उन्होंने पूरी निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ UPSC की तैयारी शुरू की, वो भी बिना किसी कोचिंग के, सिर्फ अपने भाई के मार्गदर्शन और आत्म-विश्वास के बल पर।


Artika Shukla ने साल 2015 में UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी और अपनी पहली ही कोशिश में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4 हासिल कर ली। यह एक असाधारण उपलब्धि थी, क्योंकि बिना कोचिंग के इतनी ऊँची रैंक प्राप्त करना बेहद कठिन माना जाता है। उसी वर्ष उनकी करीबी मित्र टीना डाबी ने AIR 1, अथर आमिर खान ने AIR 2 और जसनीत सिंह ने AIR 3 हासिल की थी। इन सभी ने मिलकर लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षण प्राप्त किया और 2016 में IAS अधिकारी बने।


Artika Shukla को प्रारंभ में AGMUT कैडर आवंटित किया गया था। बाद में विवाह उपरांत उन्हें राजस्थान कैडर में स्थानांतरित कर दिया गया। वर्ष 2025 में वे राजस्थान के अलवर जिले की जिलाधिकारी और जिला मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्हें राज्य के कई अन्य वरिष्ठ IAS अधिकारियों के साथ पदोन्नति सूची में भी शामिल किया गया है, जो उनके प्रशासनिक कौशल और जनसेवा में सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।


IAS अर्तिका शुक्ला की कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो बिना कोचिंग, साधन और शोर-शराबे के, केवल मेहनत, अनुशासन और परिवार के मार्गदर्शन के साथ अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। डॉक्टर से IAS बनने का उनका यह सफर यह साबित करता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं।