ब्रेकिंग
MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦ IG से भिड़ने वाली महिला DSP को बड़ी राहत...सरकार ने दी क्लिनचिट, हाईकोर्ट के आदेश पर दुबारा पक्ष सुना गया, इसके बाद आरोप से किया गया मुक्त ✦बिहार TRE-4 में नौकरी की महाभारत! 33 हजार पदों के लिए 9.95 लाख युवाओं ने ठोकी दावेदारी, एक सीट पर 30 की टक्कर!✦MLC राहुल राज और बंशीधर ब्रजवासी की सदस्यता रद्द करने की मांग, RJD ने सभापति को सौंपा ज्ञापन✦Bihar Ration Card : अब राशन दुकानों पर AI की नजर! 60 हजार PDS दुकानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार, फर्जी कार्ड और कालाबाजारी पर लगेगी लगाम✦ छठ से पहले प्रशासन का बड़ा एक्शन! KFC-डोमिनोज समेत कई दुकानों पर छापेमारी, गड़बड़ी मिलने पर लगा जुर्माना✦ IG से भिड़ने वाली महिला DSP को बड़ी राहत...सरकार ने दी क्लिनचिट, हाईकोर्ट के आदेश पर दुबारा पक्ष सुना गया, इसके बाद आरोप से किया गया मुक्त ✦बिहार TRE-4 में नौकरी की महाभारत! 33 हजार पदों के लिए 9.95 लाख युवाओं ने ठोकी दावेदारी, एक सीट पर 30 की टक्कर!

Bihar police: बिहार पुलिस बहाली में सख्ती, आपराधिक इतिहास छुपाने पर होगी नौकरी से बर्खास्तगी

Bihar police: बिहार पुलिस में सिपाही से लेकर दारोगा तक की लगातार चल रही बहाली प्रक्रिया के बीच पुलिस मुख्यालय ने नियुक्ति मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है. जान लें यह मुख्य बात.

Bihar Police
बिहार पुलिस
© google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Police:  बिहार पुलिस में सिपाही से लेकर दारोगा तक की लगातार चल रही बहाली प्रक्रिया के बीच पुलिस मुख्यालय ने नियुक्ति मानकों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अगर कोई पुलिसकर्मी चयन के दौरान अपने आपराधिक इतिहास को छिपाता है, तो न केवल उसकी नौकरी जाएगी बल्कि अग्रतर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।


आईजी (मुख्यालय) द्वारा जारी नए दिशा-निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सत्यापन के दौरान जानकारी छिपाना या गलत विवरण देना गंभीर अपराध माना जाएगा। इस संबंध में सभी डीजी, एडीजी, आईजी, डीआईजी, सीनियर एसपी, एसपी और पुलिस मुख्यालय के संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।


पत्र में विशेष रूप से 11 बिंदुओं पर नियुक्ति प्राधिकारियों को निर्णय लेने की छूट देते हुए कहा गया है कि प्रत्येक मामले में गुण-दोष के आधार पर विवेकपूर्ण निर्णय लिया जाए। च्छ अपराधों (जैसे कम उम्र में नारे लगाना आदि) को क्षम्य माना जा सकता है। गंभीर मामलों में दोष सिद्ध होने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जा सकती है। सेवा में पुष्टि के बाद बर्खास्तगी से पहले विभागीय जांच अनिवार्य होगी।साथ ही, सत्यापन फार्म में पूर्ण पारदर्शिता रखने का निर्देश दिया गया है ताकि चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की गलत जानकारी छिपाना संभव न हो।


अगर कोई उम्मीदवार स्वयं अपने ऊपर दर्ज किसी आपराधिक मामले की घोषणा करता है, तब भी नियुक्ति प्राधिकार को उसे नियुक्त करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। निर्णय पूरी तरह नियोक्ता के विवेक पर आधारित होगा।


बिहार की आपातकालीन सेवा डायल-112 को और अधिक मजबूत करने के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में 21 पुलिस इंस्पेक्टरों की नई तैनाती की गई है। यह कदम तकनीकी सेवाएं एवं वितंतु के एडीजी की अनुशंसा पर उठाया गया है। डीआईजी (कार्मिक) द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल योगदान देने का निर्देश दिया गया है।


तैनात किए गए पुलिस इंस्पेक्टरों की सूची में कुसुम कुमारी, राकेश रंजन, बिंदेश्वरी कुमार, जयशंकर प्रसाद, रूपक कुमार सिंह, नित्यानंद शर्मा, प्रशांत कुमार, योगेंद्र रविदास, श्वेता रानी, कन्हैया कुमार, सुधीर कुमार वर्मा, एजाज आलम, विमल कुमार राव, प्रशांत कुमार मिश्रा, दीपक कुमार दीप, सतीश कुमार, शशिकांत कुमार, नागेंद्र कुमार, प्रीति कुमारी, राजेश कुमार और संतोष कुमार शामिल हैं। इन नई तैनातियों से डायल-112 की दक्षता और समयबद्धता में सुधार आने की उम्मीद है, जिससे जनता को आपात स्थिति में और बेहतर सहायता मिल सकेगी।