Bihar PG-Hostel News: दिल्ली में हॉस्टल की इमारत गिरने की घटना के बाद बिहार सरकार ने बिना रजिस्ट्रेशन संचालित हो रहे PG, लॉज और हॉस्टलों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है. प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई जांच के दौरान अब तक 400 से अधिक ऐसे संस्थानों की पहचान की गई है, जो बिना जरूरी रजिस्ट्रेशन के संचालित हो रहे हैं. सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को ऐसे संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
बिहार की एडीजी केएस अनुपम के अनुसार, इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा गया है. उन्होंने बताया कि पटना हाई कोर्ट के निर्देश के बाद PG, लॉज और हॉस्टलों की जांच के लिए एक मॉनिटरिंग टीम गठित की गई थी. टीम ने अलग-अलग जिलों में जाकर इन संस्थानों की जांच की और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी. रिपोर्ट के आधार पर अब संबंधित जिलों में कार्रवाई की जा रही है.
जर्जर भवनों में रह रहे छात्र
पटना समेत बिहार के कई शहरों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले बड़ी संख्या में छात्र PG, लॉज और हॉस्टलों में रहते हैं. पटना के बोरिंग रोड, कंकड़बाग, अशोक राजपथ और नया टोला जैसे इलाकों में बड़ी संख्या में छात्र किराये के लॉज और हॉस्टलों में रहकर पढ़ाई करते हैं. ऐसे में भवनों की सुरक्षा और रहने की व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने जांच तेज कर दी है.
पटना में करोड़ों का हॉस्टल कारोबार
एक सर्वेक्षण के अनुसार बिहार में कुल 6,383 कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं. इनमें पटना में 1,256, मुजफ्फरपुर में 578 और गया में 428 कोचिंग संस्थान बताए गए हैं. वहीं, एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ पटना में छात्रों के लॉज और हॉस्टल का सालाना कारोबार करीब 1,500 से 2,000 करोड़ रुपये के बीच है. इस कारोबार में BPSC, UPSC, SSC, रेलवे और बैंकिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र बड़ी संख्या में शामिल हैं.
400 से अधिक संस्थान जांच के घेरे में
एडीजी केएस अनुपम ने बताया कि जांच के दौरान करीब 400 ऐसे PG, लॉज और हॉस्टलों की पहचान की गई है, जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है. इन संस्थानों की सूची संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को भेज दी गई है. जिलाधिकारियों को नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.
जांच में जो PG, लॉज और हॉस्टल निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए हैं, लेकिन उनका रजिस्ट्रेशन नहीं है, उन्हें जुर्माना लगाने के बाद रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. वहीं, मानकों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
भवनों का सेफ्टी ऑडिट कराने पर जोर
भवनों की सुरक्षा को लेकर एडीजी ने कहा कि किसी इमारत के गिरने के पीछे उसकी उम्र समेत कई कारण हो सकते हैं. ऐसे में भवनों का सेफ्टी ऑडिट कराया जाना जरूरी है. प्रशासन की ओर से PG, लॉज और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था और रजिस्ट्रेशन की स्थिति की जांच की जा रही है.
बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे संस्थानों की पहचान के बाद संबंधित जिलों में कार्रवाई शुरू कर दी गई है. सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश भेजे गए हैं. इसके साथ ही SP स्तर पर भी PG, लॉज और हॉस्टलों के रजिस्ट्रेशन की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है.





