1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mon, 12 Jan 2026 01:22:34 PM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो Google
SBI ATM Charges: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने एटीएम ट्रांजेक्शन चार्ज में बदलाव किया है। नई दरें 1 दिसंबर 2025 से लागू हो चुकी हैं। इन बदलावों का सीधा असर उन सेविंग्स और सैलरी अकाउंट धारकों पर पड़ेगा, जो SBI के अलावा दूसरे बैंकों के एटीएम का इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि, कुछ खातों और ट्रांजेक्शन को इस बढ़ोतरी से बाहर रखा गया है। SBI का कहना है कि इंटरचेंज फीस बढ़ने के बाद एटीएम सर्विस चार्ज की समीक्षा की गई, जिसके चलते यह फैसला लिया गया है। फरवरी 2025 के बाद यह पहली बार है जब बैंक ने एटीएम शुल्क में बढ़ोतरी की है।
नई व्यवस्था के तहत, SBI ग्राहक यदि दूसरे बैंकों के एटीएम से तय फ्री लिमिट के बाद कैश निकालते हैं, तो अब उन्हें प्रति ट्रांजेक्शन 23 रुपये प्लस GST देना होगा। पहले यह शुल्क 21 रुपये प्लस GST था। वहीं बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट जैसे नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर अब 11 रुपये प्लस GST देना होगा, जो पहले 10 रुपये प्लस GST था।
बैंक ने स्पष्ट किया है कि रेगुलर सेविंग्स अकाउंट धारकों के लिए नॉन-SBI एटीएम पर मिलने वाली फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ग्राहक पहले की तरह हर महीने दूसरे बैंकों के एटीएम से कुल 5 फ्री ट्रांजेक्शन कर सकेंगे, जिसमें फाइनेंशियल और नॉन-फाइनेंशियल दोनों ट्रांजेक्शन शामिल हैं। इस लिमिट के बाद ही नए चार्ज लागू होंगे।
हालांकि, सैलरी पैकेज सेविंग्स अकाउंट रखने वाले ग्राहकों के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। पहले जहां दूसरे बैंकों के एटीएम पर अनलिमिटेड फ्री ट्रांजेक्शन की सुविधा थी, अब इसे घटाकर प्रति माह 10 फ्री ट्रांजेक्शन कर दिया गया है। फ्री लिमिट समाप्त होने के बाद सैलरी अकाउंट धारकों को भी कैश विड्रॉल पर 23 रुपये प्लस GST और नॉन-फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर 11 रुपये प्लस GST चुकाने होंगे।
SBI के मुताबिक, कुछ श्रेणियों के ग्राहकों पर इस बढ़ोतरी का कोई असर नहीं पड़ेगा। बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट के चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। SBI डेबिट कार्ड से SBI के अपने एटीएम पर किए गए सभी ट्रांजेक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। इसके अलावा SBI एटीएम से कार्डलेस कैश विड्रॉल पहले की तरह अनलिमिटेड और फ्री रहेगा, वहीं किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों को भी इस बदलाव से बाहर रखा गया है।