1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 13, 2026, 7:23:04 AM
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Bihar News : बिहार में अंचलाधिकारी, राजस्व पदाधिकारी और कर्मचारियों की जारी हड़ताल के कारण कई अंचलों में जमीन से जुड़े काम प्रभावित होने लगे थे। हालांकि अब राज्य सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Kumar Sinha ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता है कि अंचलों में जमीन से जुड़े सभी जरूरी काम बिना किसी बाधा के जारी रहें।
विजय सिन्हा ने कहा कि अंचलाधिकारियों (सीओ) और राजस्व कर्मियों की हड़ताल के बावजूद आम जनता के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित नहीं होंगे। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पहले से ही वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जमीन से जुड़े कामों को किसी भी स्थिति में बाधित नहीं होने दिया जाए।
सरकार की नई व्यवस्था के तहत राजस्व कर्मचारियों के जिम्मे आने वाले काम पंचायत सचिवों को सौंप दिए गए हैं। वहीं जिन अंचलों में अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी दोनों हड़ताल पर हैं, वहां उनके कार्य प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को सौंपे गए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और जमीन से जुड़े अन्य जरूरी काम समय पर निपटाए जा सकें।
डिप्टी सीएम ने बताया कि मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। इस समय बड़ी संख्या में लोग जमीन से संबंधित कामों के लिए आवेदन करते हैं। खासकर दाखिल-खारिज, जमीन के रिकॉर्ड में सुधार, परिमार्जन और ई-मापी जैसे मामलों में आवेदनों की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में अगर कामकाज ठप हो जाए तो आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने पहले से ही सभी जिलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए थे।
उधर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों से राजस्व कर्मियों और पदाधिकारियों की उपस्थिति की रिपोर्ट भी मांगी है। इन रिपोर्टों के आधार पर अंचल स्तर पर कामकाज की स्थिति की समीक्षा की जा रही है। जिन अंचलों में हड़ताल के कारण जमीन से जुड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहां तत्काल वैकल्पिक अधिकारियों की तैनाती की जा रही है, ताकि सेवाएं बाधित न हों।
दरअसल, राज्य के अंचलाधिकारी यानी सीओ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 9 मार्च से हड़ताल पर हैं। उनकी प्रमुख मांग उन्हें डीसीएलआर (डिप्टी कलेक्टर लैंड रिफॉर्म्स) के रूप में तैनाती देने से जुड़ी बताई जा रही है। इसके अलावा राजस्व विभाग से जुड़े अन्य कर्मचारी और अधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल में शामिल हैं, जिससे कई जगहों पर काम प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
इससे पहले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हड़ताल कर रहे पदाधिकारियों और कर्मचारियों से काम पर लौटने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि अगर वे हड़ताल समाप्त करते हैं तो सरकार बातचीत के लिए तैयार है और उनकी मांगों पर चर्चा की जा सकती है।
हालांकि दो दिन पहले उन्होंने कड़ा रुख भी अपनाया था। विजय सिन्हा ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अपनी मांगों को रखने के लिए हड़ताल का रास्ता सही नहीं है। अगर अधिकारी और कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटते हैं तो सरकार उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है और उन्हें निलंबित भी किया जा सकता है।फिलहाल सरकार का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्था के कारण अंचलों में जमीन से जुड़े कार्य जारी रहेंगे और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।