ब्रेकिंग
मुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशदोहरी नागरिकता के बाद अब नए मामले में घिरे राहुल गांधी, सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय की तारीखमुजफ्फरपुर के एक होटल में हो गया बड़ा कांड: शादी का झांसा देकर युवती से दरिंदगी, प्रेमी गिरफ्तारबिहार में मिड डे मील खाने के बाद 250 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ी, स्कूल में मचा हड़कंपतमिलनाडु में सरकार गठन पर सस्पेंस: थलापति विजय की TVK बहुमत से दूर, गवर्नर ने दोबारा लौटाया; क्या हैं विकल्प?बिहार के अंचल कार्यालयों की अब हर दिन मॉनिटरिंग, VC के जरिए कामकाज की होगी पड़ताल; सरकार ने जारी किया आदेशदोहरी नागरिकता के बाद अब नए मामले में घिरे राहुल गांधी, सुनवाई के लिए कोर्ट ने तय की तारीख

टमाटर उत्पादकों को राहत, NCCF ने की खरीदारी

भारतीय किसान हमेशा से मौसम और बाज़ार की अनिश्चितताओं से जूझते रहे हैं और इस बार मध्य प्रदेश के टमाटर उत्पादक भी संकट में थे। लेकिन अब उनके लिए राहत की एक बड़ी खबर आई है।

Tomato Producers NCCF
Tomato Producers NCCF
© Social Media
User1
3 मिनट

राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (NCCF) ने मध्य प्रदेश के किसानों से 62,850 किलोग्राम टमाटर खरीदा है, जो मार्केट इंटरवेंशन स्कीम के तहत किया गया है। इस कदम के जरिए NCCF का उद्देश्य दिल्ली की मंडियों में टमाटर की आपूर्ति करना है, ताकि टमाटर के दाम में गिरावट को रोका जा सके और किसानों को उचित मूल्य मिल सके।

पिछले कुछ समय से मध्य प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों में टमाटर की कीमतों में नाटकीय गिरावट आई है। खासकर फरवरी 2025 में, झारखंड जैसे राज्यों में थोक कीमतें ₹2 से ₹3 प्रति किलोग्राम तक गिर गई हैं। कई जगहों पर तो कीमत ₹1 प्रति किलोग्राम से भी नीचे जाने की कगार पर हैं। इस गिरावट का मुख्य कारण रबी सीजन के दौरान बम्पर फसल का आना और परिवहन की समस्याएं हैं।

इसके अलावा, 2024 के अंत में मानसून के कारण टमाटर की कीमतों में कुछ स्थिरता देखी गई थी, लेकिन जैसे ही 2025 की शुरुआत हुई, अचानक उगाई गई अतिरिक्त फसल और परिवहन की दिक्कतों ने कीमतों को गिरा दिया। NCCF ने मध्य प्रदेश में लगभग ₹6 प्रति किलोग्राम की दर पर टमाटर खरीदे हैं, जिससे किसानों को राहत मिली है। इस पहल के तहत अब NCCF छत्तीसगढ़ और उड़ीसा जैसे राज्यों में भी टमाटर की खरीदारी करने का मन बना चुकी है। इससे किसानों को उनके उत्पाद का अच्छा मूल्य मिल सकेगा, और उन्हें बाज़ार में असमान्य गिरावट से बचाया जा सकेगा।

वर्तमान में, राष्ट्रीय बाजार में औसत टमाटर की कीमत ₹21.76 प्रति किलोग्राम है, जो हालाँकि क्षेत्रीय बाजारों में बहुत भिन्न हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में तो टमाटर की कीमत ₹3 प्रति किलोग्राम तक गिर चुकी है, जबकि कुछ स्थानों पर कीमत में उतार-चढ़ाव जारी है। भारत ने 2023 में 97,000 टन टमाटर का निर्यात किया था, जिसका मूल्य लगभग $26 मिलियन था। हालांकि, 2025 के लिए निर्यात आंकड़े अभी उपलब्ध नहीं हैं, और विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल कमजोर अंतरराष्ट्रीय मांग और लॉजिस्टिक संबंधी समस्याएं टमाटर निर्यात को सीमित कर सकती हैं।

टैग्स

संबंधित खबरें