ब्रेकिंग
अमौर से 6 बार विधायक रहे कांग्रेस नेता अब्दुल जलील मस्तान का निधन, पार्टी में शोक की लहरबिना रिकॉर्ड दलील पर कोर्ट नाराज, महाधिवक्ता ने खुद को किया अलग, 3 सचिव तलबबीच नदी में निकल गई SDRF की वोट की हवा, नाव पर सवार थे तेजस्वी, बोले..‘वोट की हवा निकली तो समझिए सरकार की व्यवस्था की हवा निकल गई’मुकेश सहनी को घर में रोकने के आदेश के खिलाफ याचिका, हाईकोर्ट ने UP सरकार से मांगा जवाबJDU का नाम बदलकर 'जनता दल नीतीश' कर देना चाहिए’, संजय झा का बड़ा बयान, वीडियो वायरल अमौर से 6 बार विधायक रहे कांग्रेस नेता अब्दुल जलील मस्तान का निधन, पार्टी में शोक की लहरबिना रिकॉर्ड दलील पर कोर्ट नाराज, महाधिवक्ता ने खुद को किया अलग, 3 सचिव तलबबीच नदी में निकल गई SDRF की वोट की हवा, नाव पर सवार थे तेजस्वी, बोले..‘वोट की हवा निकली तो समझिए सरकार की व्यवस्था की हवा निकल गई’मुकेश सहनी को घर में रोकने के आदेश के खिलाफ याचिका, हाईकोर्ट ने UP सरकार से मांगा जवाबJDU का नाम बदलकर 'जनता दल नीतीश' कर देना चाहिए’, संजय झा का बड़ा बयान, वीडियो वायरल

पेट्रोल-डीजल खरीद पर सरकार की नई पाबंदी, अब एक दिन में इतने लीटर से अधिक नहीं मिलेगा ईंधन

Petrol Diesel Supply Rules: केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर नई पाबंदियां लागू की हैं। अब बड़े औद्योगिक और कमर्शियल ग्राहक पेट्रोल पंपों से ईंधन नहीं खरीद सकेंगे, जबकि डीजल की बिक्री पर 200 लीटर प्रतिदिन की सीमा तय की गई है।

Petrol Diesel Supply Rules
प्रतिकात्मक तस्वीर
© Google
Mukesh Srivastava
4 मिनट

Petrol Diesel Supply Rules: केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ईंधन की खरीद और बिक्री पर नए प्रतिबंध लागू कर दिए हैं, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।


क्या हैं नए नियम?

सरकार के नए आदेश के अनुसार अब औद्योगिक, वाणिज्यिक (कमर्शियल) और संस्थागत ग्राहक पेट्रोल पंपों से पेट्रोल या डीजल नहीं खरीद सकेंगे। ऐसे ग्राहकों को अपनी जरूरत का ईंधन केवल अपने अधिकृत कंज्यूमर पंपों से ही लेना होगा।


इसके अलावा, किसी एक ग्राहक या वाहन को एक दिन में 200 लीटर से अधिक डीजल नहीं दिया जाएगा। पेट्रोल पंप डीजल केवल वाहन की टंकी में या पीईएसओ (PESO) से अनुमोदित कंटेनरों में ही भर सकेंगे। खरीदे गए डीजल की आगे बिक्री भी प्रतिबंधित रहेगी।


पेट्रोल पंपों की जिम्मेदारी बढ़ी

तेल विपणन कंपनियों और पेट्रोल पंप डीलरों को इन नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। आदेश के उल्लंघन पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा अन्य लागू कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकेगी।


क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार ने इस फैसले के पीछे दो प्रमुख कारण बताए हैं। पहला कारण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां हैं। दुनिया के कई क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की वैश्विक सप्लाई चेन, शिपिंग और उपलब्धता प्रभावित हो रही है। ऐसे में सरकार उपलब्ध ईंधन का संतुलित और सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित करना चाहती है।


दूसरा कारण घरेलू बाजार की स्थिति है। सरकार के अनुसार कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में असामान्य बढ़ोतरी देखी गई। रिटेल और थोक कीमतों के अंतर का फायदा उठाकर कई फैक्ट्रियां और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ता सीधे पेट्रोल पंपों से बड़ी मात्रा में ईंधन खरीद रहे थे। इससे आम उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध स्टॉक प्रभावित होने और कुछ जगहों पर कमी की आशंका बढ़ रही थी।


जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक

सरकार को आशंका है कि अनियंत्रित खरीदारी से जमाखोरी, कालाबाजारी और ईंधन के डायवर्जन को बढ़ावा मिल सकता है। इसी को रोकने और आम लोगों तक ईंधन की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।


निगरानी के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के राजपत्रित अधिकारियों, डीएसपी रैंक या उससे ऊपर के पुलिस अधिकारियों तथा तेल कंपनियों के सेल्स ऑफिसर स्तर के अधिकारियों को तलाशी और जब्ती के अधिकार दिए गए हैं। राज्यों को भी जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा असर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का सामान्य वाहन चालकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कार, बाइक और अन्य निजी वाहन मालिक पहले की तरह पेट्रोल और डीजल खरीद सकेंगे। 200 लीटर की दैनिक सीमा आम उपभोक्ताओं के लिए व्यावहारिक रूप से कोई मायने नहीं रखती, क्योंकि अधिकांश वाहनों की टंकियां इससे कहीं छोटी होती हैं।


अस्थायी है यह व्यवस्था

सरकारी आदेश के अनुसार यह प्रतिबंध प्रारंभिक रूप से अधिकतम 90 दिनों तक लागू रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर इसकी अवधि बढ़ाई जा सकती है। सरकार विशेष परिस्थितियों में किसी ग्राहक, क्षेत्र या लेनदेन को इन नियमों से छूट भी दे सकती है। सरकार का कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य बड़े खरीदारों द्वारा बड़े पैमाने पर ईंधन खरीद पर नियंत्रण लगाना, जमाखोरी रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि पेट्रोल पंपों पर आम लोगों को ईंधन की कोई कमी न हो। 

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता