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दूसरे राज्यों से बिहार आनेवाले खनिज वाहनों पर सख्ती, ट्रांजिट पास के बिना एंट्री पूरी तरह बैन; 250 करोड़ राजस्व का लक्ष्य तय

Bihar News: बिहार में दूसरे राज्यों से आने वाले खनिज लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने मुफ्त प्रवेश पर रोक लगाकर सालाना 250 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है। नई व्यवस्था से अवैध खनिज ढुलाई पर लगाम लगेगी।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार सरकार ने दूसरे राज्यों से खनिज लेकर आने वाले वाहनों के मुफ्त प्रवेश पर रोक लगा दी है। अब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की तर्ज पर ऐसे वाहनों से प्रवेश शुल्क वसूला जा रहा है। सरकार ने इस नई व्यवस्था से सालाना करीब 250 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।



पिछले 10 वर्षों में खनिज लदे वाहनों के मुफ्त प्रवेश के कारण राज्य सरकार को लगभग 1900 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद दूसरे राज्यों से बिहार में प्रवेश करने वाले 1.20 लाख से अधिक वाहनों के लिए हर महीने ट्रांजिट पास लेना अनिवार्य कर दिया गया है।



एक ही चालान पर बार-बार ढुलाई का खेल खत्म

इस व्यवस्था का उद्देश्य एक ही चालान पर बार-बार खनिज ढुलाई के खेल पर रोक लगाना है। पहले यूपी और झारखंड से आने वाले वाहनों में खनिज खाली करने के बाद उसी चालान का इस्तेमाल दूसरे वाहन कर लेते थे, जिससे हर साल करीब 40 करोड़ रुपये की राजस्व चोरी हो रही थी। अब पोर्टल पर वाहन संख्या, मालिक का नाम, इंजन और चेसिस नंबर दर्ज होने से इस तरह की गड़बड़ी पर रोक लगेगी।



बिना ट्रांजिट पास प्रवेश पर भारी जुर्माना

नई व्यवस्था के तहत बिना ट्रांजिट पास बिहार में प्रवेश करने वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे वाहनों पर 66 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और वाहन जब्त करने का भी प्रावधान है। जून तक इस व्यवस्था से सरकार को 21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। अब तक 40 से अधिक वाहनों पर जुर्माना लगाया गया है। नियम लागू होने के बाद केवल एक सप्ताह में 4 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली भी की गई है।



ट्रांजिट पास शुल्क की दरें तय

बिहार में प्रवेश करने वाले खनिज लदे वाहनों के लिए ट्रांजिट पास शुल्क की दरें निर्धारित कर दी गई हैं। यदि चालान में खनिज का वजन दर्ज है तो 60 रुपये प्रति मीट्रिक टन की दर से शुल्क लिया जाएगा। वहीं, जिन चालानों में वजन दर्ज नहीं होगा, उनसे 85 रुपये प्रति घन मीटर की दर से शुल्क वसूला जाएगा।



नौ राज्यों से आते हैं 1.20 लाख से अधिक वाहन

बिहार में हर महीने झारखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, ओडिशा और उत्तराखंड से 1.20 लाख से अधिक वाहन बालू, गिट्टी, पत्थर, संगमरमर और चूना पत्थर लेकर आते हैं। इनमें सबसे अधिक वाहनों का प्रवेश उत्तर प्रदेश और झारखंड की सीमाओं से होता है। खान एवं भूतत्व विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि ट्रांजिट पास व्यवस्था लागू होने से राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी और अवैध खनिज व्यापार पर प्रभावी रोक लगेगी।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता