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बिहार सरकार का बड़ा फैसला! 6 जिलों के 44 भूखंडों पर शुरू होगा पत्थर खनन, ई-नीलामी को मिली मंजूरी

Bihar Stone Mining: बिहार सरकार ने राज्य में पत्थर खनन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। छह जिलों के 44 भूखंडों पर खनन की मंजूरी मिल गई है और जल्द ही ई-नीलामी के जरिए इनकी बंदोबस्ती होगी। किन जिलों को फायदा मिलेगा, किन इलाकों में खनन होगा और इससे लोगों...

बिहार सरकार का बड़ा फैसला! 6 जिलों के 44 भूखंडों पर शुरू होगा पत्थर खनन, ई-नीलामी को मिली मंजूरी
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Stone Mining: बिहार में पत्थर खनन को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य सरकार ने छह जिलों के 44 भूखंडों पर पत्थर खनन की मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही इन खनन पट्टों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जो पूरी तरह ई-नीलामी के माध्यम से होगी. सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य में पत्थर की उपलब्धता बढ़ेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और निर्माण कार्यों की लागत में भी कमी आने की संभावना है.


खनन की मंजूरी जिन जिलों में दी गई है उनमें नवादा, शेखपुरा, गया, रोहतास, औरंगाबाद और बांका शामिल हैं. इनमें सबसे अधिक 17 भूखंड नवादा, 10 शेखपुरा, 9 गया, 4 रोहतास, 3 औरंगाबाद तथा 1 भूखंड बांका जिले में स्थित है.


सरकार को इन भूखंडों पर खनन की अनुमति पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा कला, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग से जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन (DSR) के आधार पर अनापत्ति मिलने के बाद मिली है. इसके बाद खान एवं भूतत्व विभाग ने खनन पट्टों की बंदोबस्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी है.


सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी खनन पट्टों की ई-नीलामी कराने का निर्णय लिया है. केंद्र सरकार की एजेंसी MSTC के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन बोली लगाई जाएगी, जिससे इच्छुक कंपनियां और पात्र आवेदक पारदर्शी तरीके से भाग ले सकेंगे. इससे सरकार को बेहतर राजस्व मिलने की भी उम्मीद है.


खान एवं भूतत्व विभाग का मानना है कि राज्य में स्थानीय स्तर पर पत्थर उत्पादन बढ़ने से दूसरे राज्यों से पत्थर मंगाने की आवश्यकता कम होगी. इससे परिवहन लागत और अन्य खर्चों में कमी आएगी, जिसका सीधा लाभ निर्माण कार्यों और आम लोगों को मिल सकता है. सरकारी परियोजनाओं की लागत भी कम होने की संभावना जताई जा रही है.


विभाग के अनुसार, नवादा जिले के आठ खनन पट्टों के लिए निविदा पहले ही जारी की जा चुकी है, जबकि शेष भूखंडों की ई-नीलामी की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. वर्तमान में राज्य में केवल शेखपुरा और नवादा की दो प्रमुख पत्थर खदानें ही सक्रिय हैं, लेकिन नए भूखंडों के संचालन से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है.


प्रमुख खनन क्षेत्रों में गया जिले के गोरे, जगरनाथपुर, मिर्जापुर और कोशमा, बांका जिले के शंभूगंज पहाड़ी क्षेत्र, शेखपुरा के मटोखर, सुरदासपुर, जमुआरा और नीरपुर, जबकि नवादा के भदोखरा, पहरेठ, टुंगी, महिमन दीघा और खखटुआ जैसे इलाके शामिल हैं.