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बिहार सरकार की इस योजना से बदल सकती है आपकी किस्मत! 60% तक मिल रही सब्सिडी, जानें कैसे उठाएं इसका लाभ

बिहार सरकार ने मछली पालकों और किसानों के लिए बड़ी योजना शुरू की है. देसी मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार 60 प्रतिशत तक सब्सिडी देने जा रही है. इच्छुक लाभार्थी तय समय सीमा के अंदर आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. जानिए आवेदन प्रक्रिया

बिहार सरकार की इस योजना से बदल सकती है आपकी किस्मत! 60% तक मिल रही सब्सिडी, जानें कैसे उठाएं इसका लाभ
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Government Scheme: बिहार सरकार ने मछली पालन को बढ़ावा देने और तेजी से कम हो रही देसी मछलियों की प्रजातियों के संरक्षण के लिए नई योजना शुरू की है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शुरू की गई मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना के तहत मछली पालन करने वाले किसानों और इच्छुक लोगों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी. इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं और आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त तय की गई है.


डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की इस योजना का उद्देश्य देसी मछलियों की प्रजातियों को बचाने के साथ-साथ मछली पालकों की आय बढ़ाना है. सरकार चाहती है कि किसान पारंपरिक खेती के साथ मछली पालन को भी अपनाएं, ताकि उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर तैयार हों.


इस योजना के तहत माइनर कार्प, कैट फिश, वायु-श्वासी मछलियां, झींगा (श्रिंप) पालन और मोती उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा. इन योजनाओं में निर्धारित लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा, जिससे मछली पालन शुरू करने की लागत काफी कम हो जाएगी.


ऐसे करें आवेदन

इस योजना का लाभ लेने के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. इच्छुक उम्मीदवार मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है, इसलिए समय रहते आवेदन करना जरूरी होगा.


पूरे बिहार में मिलेगी योजना का लाभ

मत्स्य विभाग के अनुसार, यह योजना बिहार के सभी 38 जिलों में लागू रहेगी. निजी तालाबों के साथ-साथ पट्टे पर लिए गए सरकारी तालाबों में मछली पालन करने वाले लोग भी इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. विभाग की ओर से अच्छी गुणवत्ता वाले मछली बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उत्पादन बेहतर हो सके.


इन योजनाओं पर मिलेगी सब्सिडी

  •  माइनर कार्प (छोटी देसी मछलियां) पालन योजना.
  •  कैट फिश और अन्य देसी मछलियों की पालन योजना.
  •  झींगा (श्रिंप) पालन योजना.
  •  मोती पालन योजना.


विभाग ने बताया है कि एक व्यक्ति या एक परिवार को पालन मत्स्यिकी के केवल एक अवयव पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा.