Minimum Wage Hike: त्योहारों से पहले लाखों श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने एग्रीकल्चर, कंस्ट्रक्शन एंड मेंटेनेंस और रोड्स एंड बिल्डिंग्स से जुड़े कामों में लगे मजदूरों के लिए महंगाई भत्ते (VDA) में बढ़ोतरी की है। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के बाद अलग-अलग श्रेणियों के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ गई है। मजदूरी की नई दरें श्रमिकों के कौशल स्तर और काम के क्षेत्र यानी एरिया A, B और C के आधार पर अलग-अलग तय की गई हैं।
कृषि क्षेत्र में कितनी बढ़ी मजदूरी?
एग्रीकल्चर सेक्टर में एरिया A के अकुशल (Unskilled) श्रमिकों को अब न्यूनतम 537 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे। इसमें 333 रुपये मूल वेतन और 204 रुपये महंगाई भत्ता शामिल है। इसी क्षेत्र में बहुत कुशल (Highly Skilled) श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 705 रुपये प्रतिदिन तय की गई है। वहीं, एरिया B में अकुशल श्रमिकों को न्यूनतम 491 रुपये और एरिया C में 486 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे।
निर्माण और रखरखाव क्षेत्र में भी बढ़ी दरें
कंस्ट्रक्शन एंड मेंटेनेंस से जुड़े कामों में भी महंगाई भत्ते के साथ न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की गई है। इसमें सड़क, रनवे, भवन, बिजली और संचार की भूमिगत केबल, पानी की पाइपलाइन तथा सीवर लाइन से जुड़े काम शामिल हैं। एरिया A में अकुशल निर्माण श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी अब 840 रुपये प्रतिदिन होगी। वहीं, बहुत कुशल श्रमिकों को कम से कम 1,111 रुपये प्रतिदिन मिलेंगे।
एरिया B में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 704 रुपये और बहुत कुशल श्रमिकों की 1,024 रुपये प्रतिदिन होगी। एरिया C में इन दोनों श्रेणियों के लिए न्यूनतम मजदूरी क्रमशः 565 रुपये और 933 रुपये प्रतिदिन तय की गई है। सेमी-स्किल्ड और स्किल्ड श्रमिकों की मजदूरी में भी उनके कौशल स्तर और काम के क्षेत्र के आधार पर संशोधन किया गया है।
CPI-IW के आधार पर बदला महंगाई भत्ता
महंगाई भत्ता मजदूरी का वह हिस्सा है, जिसे महंगाई में बदलाव के आधार पर समय-समय पर संशोधित किया जाता है। इसका उद्देश्य बढ़ती कीमतों के कारण श्रमिकों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है।
सरकार महंगाई भत्ते को इंडस्ट्रियल वर्कर्स के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI-IW) के आधार पर संशोधित करती है। इस बार CPI-IW 424.80 से बढ़कर 431.42 हो गया है। इंडेक्स में 6.62 अंकों की बढ़ोतरी के आधार पर नया महंगाई भत्ता तय किया गया है, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है।





