ब्रेकिंग
चिराग पासवान उत्तर प्रदेश में लायेंगे पंडित-पासी-पासवान फार्मूला, कहा- बिहार में तिवारी जी की हत्या कर दी गई, यूपी के चुनाव में इस मामले को उठायेंगेबिहार में मोटरवाहन टैक्स बढ़ा, दोपहिया वाहनों पर अब 9 से 13 फीसदी तक लगेगा कर; अधिसूचना जारीEOU का बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के मामले में बैंककर्मी को झारखंड से किया गिरफ्तार, नोटबंदी के दौरान किया था बड़ा खेललालू प्रसाद को अस्पताल से मिली छुट्टी, तबीयत बिगड़ने के बाद IGIMS में हुए थे भर्तीIGIMS में भर्ती लालू प्रसाद यादव की अब कैसी है तबीयत? मीसा भारती ने दिया ताजा अपडेटचिराग पासवान उत्तर प्रदेश में लायेंगे पंडित-पासी-पासवान फार्मूला, कहा- बिहार में तिवारी जी की हत्या कर दी गई, यूपी के चुनाव में इस मामले को उठायेंगेबिहार में मोटरवाहन टैक्स बढ़ा, दोपहिया वाहनों पर अब 9 से 13 फीसदी तक लगेगा कर; अधिसूचना जारीEOU का बड़ा एक्शन: भ्रष्टाचार के मामले में बैंककर्मी को झारखंड से किया गिरफ्तार, नोटबंदी के दौरान किया था बड़ा खेललालू प्रसाद को अस्पताल से मिली छुट्टी, तबीयत बिगड़ने के बाद IGIMS में हुए थे भर्तीIGIMS में भर्ती लालू प्रसाद यादव की अब कैसी है तबीयत? मीसा भारती ने दिया ताजा अपडेट

NEET फर्जीवाड़ा मामले में बड़ा खुलासा, मेडिकल छात्र अर्पित सिंह निकला मास्टरमाइंड, मुजफ्फरपुर से चला रहा था सॉल्वर गैंग

NEET पुनर्परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि मेडिकल छात्र अर्पित सिंह ही पूरे सॉल्वर सिंडिकेट का मास्टरमाइंड था, जिसने कथित तौर पर कई सॉल्वर्स और बायोमेट्रिक कर्मियों के साथ मिलकर बड़ा नेटवर्क तैयार किया...

NEET फर्जीवाड़ा मामले में बड़ा खुलासा, मेडिकल छात्र अर्पित सिंह निकला मास्टरमाइंड, मुजफ्फरपुर से चला रहा था सॉल्वर गैंग
Ramakant kumar
4 मिनट

NEET Re Exam Fraud: NEET री-एग्जाम फर्जीवाड़ा मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे बड़े खुलासे सामने आ रहे हैं. इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी मगध मेडिकल कॉलेज का छात्र अर्पित सिंह बताया जा रहा है. आरोप है कि अर्पित ने मुजफ्फरपुर से बैठकर सॉल्वर गैंग तैयार किया और परीक्षा में असली अभ्यर्थियों की जगह दूसरे छात्रों को बैठाने की पूरी योजना बनाई.


मुजफ्फरपुर के भगवानपुर इलाके के यादव नगर का रहने वाला अर्पित सिंह मगध मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस चौथे वर्ष का छात्र है. पुलिस जांच में सामने आया है कि उसने कई लोगों के साथ मिलकर ऐसा नेटवर्क बनाया, जिसमें सॉल्वर तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक जांच में हेरफेर तक की व्यवस्था की गई थी.


मामले की गंभीरता को देखते हुए गया पुलिस की टीम ने मगध मेडिकल कॉलेज के ओल्ड बॉयज हॉस्टल में अर्पित के कमरे पर छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने उसका इलेक्ट्रॉनिक टैब जब्त किया है. माना जा रहा है कि टैब से इस पूरे नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं.


जांच में यह बात सामने आई कि अर्पित ने मोटी रकम का लालच देकर कई सॉल्वर्स को तैयार किया था. इन छात्रों को अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर भेजा गया था, ताकि वे असली उम्मीदवारों की जगह परीक्षा दे सकें.


पुलिस के अनुसार, मुजफ्फरपुर के कांटी क्षेत्र के हरचंदा गांव निवासी विवेक कुमार इस गैंग का एक अहम सदस्य था. उसे लखीसराय के केआरके उच्च विद्यालय परीक्षा केंद्र पर एक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देते हुए पकड़ा गया था. पूछताछ के बाद विवेक ने पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी, जिसके आधार पर पूरे गिरोह का खुलासा हुआ.


विवेक से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने लखीसराय के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर छापेमारी की. इस दौरान केआरके उच्च विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय और हसनपुर उच्च विद्यालय से अर्पित द्वारा तैयार किए गए नौ सॉल्वर्स को पकड़ा गया.


पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे खेल में कई और लोग जुड़े हुए थे. आरोप है कि अर्पित ने परीक्षा में फर्जीवाड़ा सफल बनाने के लिए बायोमेट्रिक जांच करने वाली एजेंसी के कुछ कर्मचारियों से भी संपर्क किया था.


बताया जा रहा है कि बायोमेट्रिक जांच में पहचान न पकड़ी जाए, इसके लिए पहले से ही सेटिंग की गई थी. इसके लिए कुछ लोगों के माध्यम से एजेंसी के कर्मचारियों तक पहुंच बनाई गई थी. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है.


इस मामले में रंजित कुमार और रविशंकर का नाम भी सामने आया है. आरोप है कि दोनों ने अपने-अपने काम के लिए अर्पित से संपर्क किया था. पुलिस अब सभी आरोपियों की भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है.


फिलहाल अर्पित सिंह, विवेक कुमार और रंजित कुमार पुलिस की गिरफ्त में हैं. जांच टीम इलेक्ट्रॉनिक सबूतों, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य जानकारी के आधार पर इस पूरे मामले की कड़ी जोड़ने में जुटी है.