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Digital Life Certificate: अब बैंक के चक्कर, न कोषागार की लाइनें; घर पर बनेगा जीवन प्रमाणपत्र; जान लें क्या है पूरी खबर

Digital Life Certificate: पेंशनधारियों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए कोषागार, बैंक या सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डाक विभाग ने डिजिटल इंडिया मिशन के तहत घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू कर दी है।

Digital Life Certificate
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PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

पेंशनधारियों को अब जीवन प्रमाणपत्र जमा कराने के लिए कोषागार, बैंक या सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डाक विभाग ने डिजिटल इंडिया मिशन के तहत घर बैठे डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट उपलब्ध कराने की सुविधा शुरू कर दी है। इस नई सुविधा के माध्यम से पेंशनर केवल 70 रुपये में अपने नजदीकी पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक द्वारा जीवन प्रमाणपत्र बनवा सकते हैं। यह प्रमाणपत्र संबंधित विभाग तक ऑनलाइन पहुंच जाता है, जिससे पेंशन मिलने की प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आती और पेंशनर को इंतजार नहीं करना पड़ता।


डाक विभाग ने इस पहल को सरकारी सेवाओं को नागरिकों की दहलीज पर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना है। विशेष रूप से अति वरिष्ठ नागरिकों, बीमार और दिव्यांग पेंशनरों को इससे बड़ी राहत मिली है, क्योंकि उन्हें अब यात्रा की परेशानी या लंबी लाइन में लगने की जरूरत नहीं है। डाक विभाग का उद्देश्य तकनीक का उपयोग बढ़ाकर अधिक से अधिक लोगों तक यह सुविधा पहुंचाना है, ताकि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर भी इसका लाभ उठा सकें।


इस सेवा का उपयोग करने के लिए पेंशनर को अपने आधार नंबर, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, बैंक या डाकघर में संचालित बचत खाता नंबर और पीपीओ नंबर की जानकारी पोस्टमैन को देनी होती है। पोस्टमैन या ग्रामीण डाक सेवक पेंशनर के घर पर जाकर फेस ऑथेंटिकेशन या फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक के माध्यम से पूरी प्रक्रिया पूरी करता है। प्रक्रिया सफल होते ही पेंशनर के मोबाइल पर पुष्टि संदेश भेज दिया जाता है। इसके बाद अगले दिन से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट ऑनलाइन देखा जा सकता है और संबंधित विभाग भी इसे तुरंत एक्सेस कर लेता है।


केंद्र सरकार प्रत्येक वर्ष की तरह 1 नवंबर से 30 नवंबर तक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 4.0 चला रही है, जिसका उद्देश्य पेंशनरों को इस सेवा के प्रति जागरूक करना और अधिक से अधिक लोगों को डिजिटल प्रमाणपत्र बनवाने के लिए प्रेरित करना है। ग्रामीण क्षेत्रों में पेंशनरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए डाक विभाग ने मोबाइल उपकरणों, बायोमेट्रिक डिवाइस और फेस रेकग्निशन तकनीक का व्यापक उपयोग करना शुरू किया है, जिससे कठिन इलाकों तक भी सेवा पहुंच सके।


पेंशनर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवाने के लिए अपने क्षेत्र के पोस्टमास्टर या डाक अधिकारियों से सीधे संपर्क भी कर सकते हैं। पटना क्षेत्र में इसके लिए विभाग द्वारा कुछ अधिकारियों के संपर्क नंबर भी जारी किए गए हैं, जिनमें विपिन कुमार पोस्टमास्टर लोहिया नगर, विनोद कांत पोस्टमास्टर पटना सिटी, जितेंद्र कुमार पटना जीपीओ, अभय कुमार शाखा डाकपाल बांकीपुर और तबरेज डाक निरीक्षक पटना डिवीजन शामिल हैं।


डाक विभाग की इस सेवा से न केवल वरिष्ठ नागरिकों को सुविधा मिली है, बल्कि सरकारी कार्य प्रणाली भी अधिक डिजिटल और पारदर्शी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी सेवाओं को और विस्तार देते हुए डाक विभाग बुजुर्गों के लिए कई अन्य घर-घर उपलब्ध सेवाएं भी लागू कर सकता है, जिससे डिजिटल इंडिया मिशन को और मजबूती मिलेगी।