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आंध्र प्रदेश ने टेस्ला को लुभाने के लिए बढ़ाया कदम, भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की होड़ में नया ऑफर

टेस्ला, दुनिया की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार निर्माता कंपनी, भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए अपनी योजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है।

tesla india elon musk
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जहां एक ओर कई राज्य इस बहुप्रतीक्षित निवेश को आकर्षित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं आंध्र प्रदेश ने टेस्ला को लुभाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राज्य सरकार ने न केवल अपनी भूमि, बल्कि आकर्षक इंसेटिव्स और पोर्ट कनेक्टिविटी के साथ एक मजबूत प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे टेस्ला को अपनी उत्पादन सुविधा दक्षिण भारत में स्थापित करने के लिए राजी किया जा सके।

आंध्र प्रदेश सरकार के इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड (EDB) ने एक रणनीति तैयार की है जिसमें राज्य के दक्षिणी हिस्से में टेस्ला के लिए विशाल ज़मीन का प्रस्ताव और बेहतरीन पोर्ट कनेक्टिविटी शामिल है। यह ऑफर टेस्ला को अपनी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए आकर्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सूत्रों के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार का मानना है कि दक्षिण भारत में ईवी कारों की बिक्री की रफ्तार सबसे अधिक है, और यही कारण है कि टेस्ला के लिए यह क्षेत्र उपयुक्त स्थान हो सकता है।

आंध्र प्रदेश ने टेस्ला को एक तैयार लैंड पार्सल के साथ साथ कई अन्य आकर्षक इंसेटिव्स भी दिए हैं। यह प्रस्ताव शुरूआत में टेस्ला को तैयार कारों का इम्पोर्ट करने की अनुमति दे सकता है, जबकि बाद में कंपनी धीरे-धीरे अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी को स्थापित कर सकती है। राज्य सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि आंध्र प्रदेश को ईवी मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक प्रमुख केंद्र बनने के अवसर के रूप में देखा जा सकता है, और दक्षिण भारत में ईवी की सबसे अधिक बिक्री को देखते हुए, यह स्थान टेस्ला के लिए सही विकल्प हो सकता है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने अक्टूबर 2024 में अपनी नई तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सरकार द्वारा टेस्ला के साथ बातचीत शुरू की थी, जब मंत्री नारा लोकेश ने अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर वैभव तनेजा से मुलाकात की थी। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और एलन मस्क के बीच हुई बैठक के बाद, आंध्र प्रदेश ने एक बार फिर से अपने प्रयासों को तेज़ किया है।

आंध्र प्रदेश का यह तर्क भी मजबूत है कि दक्षिण भारत में ईवी की बिक्री सबसे अधिक है, और ऐसे में टेस्ला को यहां अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगानी चाहिए। आंकड़ों के अनुसार, ईवी कारों की लगभग 60% बिक्री चार दक्षिणी राज्यों केरल, तेलंगाना, तमिलनाडु, और कर्नाटका में होती है। इस क्षेत्र में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है, और यह टेस्ला के लिए एक बेहतरीन अवसर हो सकता है।

आंध्र प्रदेश ने एक सशक्त प्रस्ताव तैयार किया है, लेकिन यह टेस्ला के लिए सिर्फ एक विकल्प है। अन्य राज्य भी इस अवसर को हथियाने के लिए दौड़ में हैं। जैसे महाराष्ट्र और कर्नाटका ने भी अपनी योजनाएं तैयार की हैं, लेकिन आंध्र प्रदेश का प्रस्ताव उसे इनसे अलग और आकर्षक बनाता है, क्योंकि राज्य की सरकार ने भूमि, कनेक्टिविटी और ईवी कारों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है।

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