Bihar News: बिहार के वैशाली जिले में रिश्वत लेने के एक मामले में विशेष निगरानी इकाई (SVU) की कार्रवाई के बाद गिरफ्तार की गई महिला सब इंस्पेक्टर को अदालत ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है. विशेष न्यायालय ने आरोपी तत्कालीन उप-निरीक्षक पूनम कुमारी को 3 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है.
यह पूरा मामला हाजीपुर टाउन थाना क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार, साल 2024 में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने कार्रवाई करते हुए पूनम कुमारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद से ही वह न्यायिक हिरासत में थीं और मामला अदालत में चल रहा था.
अदालत का फैसला विशेष न्यायाधीश (विजिलेंस) पटना अतुल कुमार सिंह की अदालत से आया, जहां विशेष मामला संख्या 17/2024 में सुनवाई पूरी होने के बाद उन्हें दोषी पाया गया. यह मामला मूल रूप से SVU थाना कांड संख्या 06/2024 से जुड़ा हुआ था.
घटना 14 नवंबर 2024 की बताई जा रही है. उस समय पूनम कुमारी हाजीपुर टाउन थाना में उप-निरीक्षक के पद पर तैनात थीं. आरोप है कि उन्होंने नितेश बस सर्विस के प्रबंधक पंकज कुमार द्विवेदी से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली थी.
बताया जाता है कि यह रिश्वत एक बस (रजिस्ट्रेशन नंबर BR-31P 5778) को डीटीओ कार्यालय से रिलीज कराने के लिए आवश्यक पत्राचार और कार्रवाई करवाने के नाम पर ली गई थी. शिकायत मिलने के बाद SVU ने जाल बिछाया और महिला पुलिस अधिकारी को उनके आवास से ही रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया था.
गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच पूरी की गई और पर्याप्त सबूत मिलने पर केस को अदालत में पेश किया गया. लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें दोषी मानते हुए सजा सुना दी.
अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना न देने की स्थिति में आरोपी को 3 महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा.
इस फैसले के बाद पुलिस विभाग में भी मामला चर्चा में है. भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्त रुख अपनाते हुए निगरानी इकाई की यह कार्रवाई एक बार फिर सुर्खियों में है. फिलहाल आरोपी महिला सब इंस्पेक्टर न्यायिक हिरासत में ही हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी.





