Bihar News: बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राजद विधायक और पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को पटना हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जमीन विवाद और रंगदारी से जुड़े एक आपराधिक मामले में कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पटना हाई कोर्ट के न्यायाधीश अजीत कुमार की एकलपीठ ने ओसामा शहाब की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फिलहाल किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट ने मामले की केस डायरी भी तलब की है। यह मामला सिवान जिले के महादेवा थाना कांड संख्या 73/26 से जुड़ा हुआ है।
दरअसल, शिकायतकर्ता डॉ. सुधा सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्ष 2024 में एक जमीन खरीदी थी। आरोप है कि उस जमीन पर ओसामा शहाब और उनके सहयोगियों ने जबरन कब्जा करने की कोशिश की। प्राथमिकी में यह भी कहा गया है कि निर्माण कार्य रुकवाने, धमकी देने और मारपीट की कोशिश की गई। मामले में फरहान, शब्बीर समेत कई अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है।
हालांकि, ओसामा शहाब की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता नरेश दीक्षित और अधिवक्ता श्रुति सिंह ने आरोपों को निराधार बताया। बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि यह पूरी तरह सिविल प्रकृति का मामला है, जिसे जानबूझकर आपराधिक रंग दिया गया है ताकि राजनीतिक और सामाजिक दबाव बनाया जा सके।
बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि प्राथमिकी में ओसामा शहाब के खिलाफ कोई स्पष्ट और प्रत्यक्ष आरोप नहीं लगाया गया है। एफआईआर में केवल 30-35 अज्ञात लोगों का सामान्य रूप से उल्लेख किया गया है। ऐसे में गिरफ्तारी की कार्रवाई उचित नहीं होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले सिवान के सत्र न्यायाधीश ने 28 अप्रैल 2026 को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद ओसामा शहाब ने पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें फिलहाल राहत मिल गई है।





