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स्वास्थ्य विभाग के नाम पर थाना को भेजा फर्जी पत्र, डीसीएम समरेंद्र नारायण वर्मा सस्पेंड

स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पंजी का दुरुपयोग कर थानााध्यक्ष को फर्जी पत्र भेजने के मामले में डीसीएम समरेंद्र नारायण वर्मा को निलंबित कर दिया गया है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सिविल सर्जन ने कार्रवाई की।

बिहार न्यूज
जांच में फर्जी पत्र जारी करने की पुष्टि
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

SITAMARHI: स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पंजी का दुरुपयोग कर थानााध्यक्ष को फर्जी पत्र जारी करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है। जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद सिविल सर्जन ने जिला सामुदायिक प्रबंधक (डीसीएम) समरेंद्र नारायण वर्मा को निलंबित कर दिया है।


आरोप है कि डीसीएम ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पंजी का अनधिकृत इस्तेमाल करते हुए विभाग की ओर से थाना को एक पत्र जारी कर दिया, जबकि उन्हें इस प्रकार का पत्र जारी करने का अधिकार नहीं था।


शिकायत के बाद हुई जांच

मामले की शुरुआत बैरगनिया निवासी अजय कुमार द्वारा सहयोग पोर्टल पर की गई शिकायत से हुई। शिकायत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की। कमेटी ने दस्तावेजों और शिकायत में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच की।


जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेजी गई। इसके बाद कार्यपालक निदेशक, स्वास्थ्य सेवाएं, बिहार, पटना को मामले की जानकारी दी गई और सिविल सर्जन ने डीसीएम के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की।


जांच में फर्जी पत्र जारी करने की पुष्टि

सिविल सर्जन डॉ. रविंद्र कुमार यादव ने बताया कि डीसीएम ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पंजी का अनधिकृत रूप से उपयोग किया। उन्होंने विभागीय पंजी पर ज्ञापन और पत्रांक दर्ज कर थानााध्यक्ष को स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक पत्र जारी कर दिया था।


जांच में यह पत्र पूरी तरह फर्जी पाया गया, क्योंकि डीसीएम को इस तरह का पत्र जारी करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया था।


आशा बहाली के नाम पर ठगी की भी शिकायत

सिविल सर्जन ने बताया कि मामले में आशा कार्यकर्ताओं की बहाली के नाम पर कुछ लोगों से रुपये लेने और ठगी किए जाने की शिकायत भी सामने आई थी। जांच कमेटी ने इस पहलू की भी जांच की और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की गई।


स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर हड़कंप मच गया है और पूरे मामले की आगे की जांच जारी है।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

SAURABH KUMAR

FirstBihar संवाददाता